Who is Nimisha Priya: यमन की सबसे बड़ी अदालत ने भारतीय नागरिक निमिषा प्रिया की मौत की सजा के खिलाफ अपील को खारिज कर दिया है। दरअसल, फिलहाल वह यमन के एक नागरिक की हत्या के लिए साल 2017 से जेल की सजा काट रही हैं। आइए, जानते हैं उनके बारे में:
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)
प्रिया मूल रूप से दक्षिण भारतीय सूबे केरल की रहने वाली हैं। पेशे से वह नर्स हैं और वह यमन के सना में साल 2011 से रह रही हैं। उनका आठ साल का एक बच्चा भी है। उन्हें तलाल अब्दो महदी की हत्या (जुलाई 2017 में) के मामले दोषी ठहराया गया था।
साल 2018 में उन्हें ट्रायल कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी और तभी से उनका परिवार रिहाई के लिए लड़ रहा है। आरोप है कि उन्होंने उसके कब्जे से अपना पासपोर्ट हासिल करने के लिए उसे नशीला इंजेक्शन दिया था, जिसके बाद महदी की मौत हो गई थी। हालांकि, उसकी मृत्यु ओवरडोस के चलते हुई थी।
यह भी आरोप है कि प्रिया और उनके सहयोगी हनान (यमन नागरिक) ने महदी की लाश को पानी की टंकी में फेंकने से पहले उसे बोटी-बोटी कर दिया था। प्रिया को 2018 में कैपिटल पनिशमेंट की सजा सुनाई गई थी, जबकि हनान को आजीवन उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
प्रिया की मां ने इस साल की शुरुआत में दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने अपनी याचिका में यमन जाने की अनुमति मांगी थी। उनकी मांग ऐसे समय पर की गई थी, जब भारतीय नागरिकों के लिए वहां यात्रा पर प्रतिबंध था। वैसे, यमन के टॉप कोर्ट की ओर से उनकी अपील खारिज करने के बाद अब याचिका पर फैसला करना देश के राष्ट्रपति पर है।
