Vice Presidential Election: एनडीए के प्रत्याशी सी. पी. राधाकृष्णन ने आज को हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की। उन्होंने इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार जस्टिस (रिटायर्ड) सुरदर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराकर उपराष्ट्रपति पद हासिल किया। नतीजों के मुताबिक 788 वोटों में से 7 खाली रहने के कारण 781 सांसदों को मतदान का अधिकार था।
सी. पी. राधाकृष्णन ने उपराष्ट्रपति चुनाव में बड़ी जीत दर्ज की (फाइल फोटो:canva)
इनमें से 767 सांसदों ने वोट डाले। गिनती में 752 मत वैध पाए गए। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी को 300 वोट हासिल हुए। बता दें कि इस चुनाव में टोटल वोट 767 पड़े थे जिसमें से वैलिड वोटों की संख्या 752 थी और इनवैलिड वोट 15 रहे।
इस मतदान में निर्वाचक मंडल के कुल 781 सदस्यों में से 767 (एक डाक मतपत्र समेत) ने मतदान किया था, जिसमें 15 वोट अवैध करार दिए गए। मतदान मंगलवार सुबह 10 बजे शुरू होकर शाम 5 बजे समाप्त हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत 760 से अधिक सांसदों ने मतदान किया।
'सी.पी. राधाकृष्णन को प्रथम वरीयता के 452 मत मिले'
राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'एनडीए उम्मीदवार और महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को प्रथम वरीयता के 452 मत मिले। उन्हें भारत का उपराष्ट्रपति चुना गया है। विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जस्टिस सुदर्शन रेड्डी को प्रथम वरीयता के 300 मत मिले।' उपराष्ट्रपति चुनाव में कुल 13 सांसदों ने मतदान से परहेज किया। इस सूची में बीजू जनता दल के सात, भारत राष्ट्र समिति के चार, शिरोमणि अकाली दल का एक और एक निर्दलीय सांसद शामिल हैं।
क्रॉस वोटिंग और अवैध वोटों पर सियासी बयानबाज़ी
नतीजों के बाद विपक्ष और सत्ता पक्ष में क्रॉस वोटिंग को लेकर अपने-अपने दावे दिए-
• शिवसेना सांसद नरेश महसके ने कहा कि महाराष्ट्र से विपक्षी सांसदों ने एनडीए उम्मीदवार को वोट दिया।
• बीजेपी सांसद संजय जायसवाल ने दावा किया कि विपक्ष के 14 सांसदों ने क्रॉस वोटिंग की और 15 सांसदों ने जानबूझकर अपने वोट अवैध बनाए।
• कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने जवाब दिया कि इंडिया गठबंधन के 12 वोट अवैध घोषित हुए, लेकिन एनडीए के भी 3 वोट अवैध पाए गए। ऐसे में असली क्रॉस वोटिंग की संख्या पर सवाल उठ रहे हैं।
हालांकि कांग्रेस वोट प्रतिशत दिखा कर इसे जीत बता रही-
उपराष्ट्रपति चुनाव के नतीजे के बाद जहां कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने X पोस्ट पर राधाकृष्णन को बधाई देते हुए तंज भी किया की, हम आशा करते हैं कि नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति संसदीय परंपराओं के सर्वोच्च आदर्शों का पालन करेंगे, विपक्ष को समान स्थान और गरिमा प्रदान करेंगे और सत्ता पक्ष के दबाव के आगे झुकेंगे नहीं।
वहीं जयराम रमेश ने लिखा-विपक्ष उपराष्ट्रपति चुनाव में पूरी तरह एकजुट खड़ा रहा।
विपक्ष का प्रदर्शन निस्संदेह रूप से सम्मानजनक रहा।
संयुक्त उम्मीदवार, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी. सुदर्शन रेड्डी ने 40% वोट हासिल किए। वर्ष 2022 में विपक्ष को केवल 26% वोट मिले थे।
भाजपा की अंकगणितीय जीत वास्तव में नैतिक और राजनीतिक दोनों तरह से हार है।
वैचारिक लड़ाई अनवरत जारी है।
