Tiger Shroff Firing Case: एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हमला करने वाले तीन आरोपियों को राजस्थान की कोटा पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। अभिनेता फुटबाल खेलकर जब वापस लौट रहे थे तो दो आरोपियों ने उनकी कार पर सात राउंड गोलीबारी की। इस हमले में अभिनेता और उनके कार का ड्राइवर घायल हुए। हमला करने के बाद तीनों आरोपी बाइक से अंधेरी रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां से ये तीनों राजस्थान जाने वाली एक ट्रेन में सवार हो गए। इनपुट मिलने के बाद कोटा पुलिस ने इन्हें ट्रेन से हिरासत में लिया।
राजस्थान के कोटा से गिरफ्तार हुए तीनों आरोपी।
नेपाल भागने की फिराक में थे तीनों आरोपी
कोटा पुलिस ने कहा कि टाइगर श्रॉफ पर हमले के आरोप में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तीनों आरोपी मुंबई से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की फिराक में थे। इनमें से एक आरोपी रेहान लॉरेंस गैंग के अनिल पंडित के संपर्क में था। इनके पास से वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं हुए हैं। तीनों आरोपी ट्रेन के जनरल कोच में सवार थे।
दो आरोपी हरियाणा के, एक बिहार का
जानकारी के मुताबिक तीनों आरोपी ट्रेन संख्या 12239 में सवार हुए और जब यह ट्रेन कोटा पहुंची तो एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स और राजस्थान पुलिस ने इन्हें ट्रेन से हिरासत में ले लिया। ट्रेन में इनके होने का इनपुट मुंबई पुलिस से मिला था। दो आरोपियों में से एक बिहार और दो हिसार, हरियाणा के रहने वाले हैं। इनमें से एक आरोपी का नाम ऋतिक कुमार उर्फ रोशन है। इसकी उमॅ 22 साल है और यह बिहार के बेगूसराय जिले का रहने वाला है। यह मुंबई में बाइक राइडर का काम करता है। दूसरा आरोपी रेहान है, इसकी उम्र 18 साल है और यह सोनीपत हरियाणा का रहने वाला है। तीसरा आरोपी नाबालिग है, यह भी हरियाणा का निवासी है।
ट्रेन के शेड्यूल के मुताबिक
- ट्रेन वसई स्टेशन रात 10:10 बजे पहुंची थी
- 7:12 PM बजे अंधेरी स्टेशन पहुंचे, बाइक छोड़ी
- अंधेरी से ट्रेन पकड़कर वसई उतरे
- वसई से पुणे जयपुर ट्रेन में हुए सवार
- सुबह 10:15 बजे कोटा से लिया हिरासत में
टाइगर के घर की रेकी भी की थी
सूत्रों के मुताबिक आरोपियों ने टाइगर श्रॉफ के घर, उनके जिम की भी रेकी की थी। पिछले तकरीबन 10 दिनों से वे टाइगर की हर मूवमेंट और उनके शेड्यूल पर नजर बनाए हुए थे। आरोपियों को सोशल मीडिया पर पापराजी और ब्लॉगर्स के वीडियोज से टाइगर के उन ठिकानों की जानकारी मिल रही थी, जहां वे अक्सर आते जाते हैं। आरोपी सिग्नल ऐप के जरिए अनिल पंडित से संपर्क कर रहे थे। टैप और ट्रेस ना हो सके इसलिए ये सिग्नल ऐप का इस्तेमालकर रहे थे।
मुम्बई के KEM हॉस्पिटल में भर्ती उमेश चौहान
उमेश चौहान, जिन्हें 18 अक्टूबर को गोली लगी थी, अभी मुम्बई के KEM हॉस्पिटल में भर्ती हैं। उन्हें शुरुआती इलाज और स्टेबलाइजेशन कूपर हॉस्पिटल, जुहू में मिला, फिर 19 अक्टूबर 2026 को आधी रात के आसपास आगे की जांच और स्पेशलिस्ट केयर के लिए केम हॉस्पिटल में ट्रांसफर कर दिया गया। चोट से उनके दिल या फेफड़ों पर कोई असर नहीं पड़ा है। वह अभी हीमोडायनामिकली स्टेबल हैं और कार्डियोवैस्कुलर और थोरैसिक सर्जरी टीम के कंसल्टेशन के साथ जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट के तहत इमरजेंसी ICU में उनका इलाज चल रहा है। उनकी स्टेबल हालत को देखते हुए, उन्हें करीबी क्लिनिकल मॉनिटरिंग में कंजर्वेटिव तरीके से मैनेज किया जा रहा है।
