ET Now Global Business Summit 2024: ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में अमित शाह ने यूपीए सरकार के 10 सालों के कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, हमारी सरकार जो श्वेत पत्र लाई है, अगर उसे 2014 में लाई होती तो हम पर यह आरोप सही था कि हम राजनीति कर रहे हैं, लेकिन हमने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा, 2014 में देश गहरे आर्थिक संकट में था। पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी थी। बैंकों की बैलेंस सीट बनने की स्थिति में नहीं थी। राजस्व का घाटा छिपाना पड़ता था। निर्यात लगभग गिर रहा था। कहीं से इंवेस्टमेंट नहीं आता था। लोग समझते थे कि भारत की स्टोरी समाप्त हो गई है।
ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट में अमित शाह
अमित शाह ने कहा, अगर हम लोग ये सब उस वक्त बताते थे पूरे विश्व में भारत की आर्थिक स्थिति को लेकर गलत इमेज बनती। हालांकि, अब श्वेत पत्र को लाना इसलिए जरूरी है क्योंकि हमारे युवाओं में यह आत्मविश्वास जागृत हो सके कि हम मजबूत स्थिति में हैं। शाह ने कहा, हमारी सरकार के पहले 5 साल गड्ढे को भरने में चले गए, व्यवस्थाओं के बनाने में गए। अगले 5 साल में हमने जो किया वह दुनिया के सामने है। पूरी दुनिया में भारत बेस्ट इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनकर उभरा है।
कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पर्याय
अमित शाह ने ग्लोबल बिजनेस समिट में कहा, श्वेत पत्र से कांग्रेस पार्टी का पेट इसलिए दुख रहा है कि इससे उनके घोटाले उजागर हुए हैं। इससे स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस और भ्रष्टाचार एक-दूसरे के पर्याय हैं। उन्होंने कहा, खजाना घोटाला से लेकर बोफोर्स घोटाले यूपीए सरकार के कार्यकाल में हुए और बतौर विपक्ष हमने इसे संसद के सामने रखा था। शाह ने दावा किया कि यूपीए 1 और यूपीए 2 सरकार के कार्यकाल में 12 लाख करोड़ रुपये के घोटाले हुए। आज 10 साल में हमारे विरोधी भी हम पर एक पैसे के घोटाले का आरेाप नहीं कर सकते।
आगामी चुनाव भ्रष्टाचार युक्त शासन और जीरो टॉलरेंस के बीच में
अमित शाह ने कहा, आगामी लोकसभा चुनाव एनडीए बनाम इंडिया गठबंधन के बीच में नहीं है। यह चुनाव घोर निराशा और भारत के उज्जवल भविष्य के बीच में है।
यह चुनाव भ्रष्टाचार युक्त शासन और जीरो टॉलरेंस अगेंस्ट करप्शन के बीच में है। यह चुनाव टेररिज्म के साथ बातचीत करने वालों और इसे खत्म करने वालों के बीच में है। यह चुनाव देश की सुरक्षा को चौक-चौबंद रखने वालों और फॉरेन पॉलिसी के नाम पर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के बीच में है। यह चुनाव 80 करोड़ गरीबों के जीवन में 10 साल में पूरी सुविधा देकर भारत के विकास के साथ जोड़ने वालों और गरीबी हटाओ का नारा के नाम पर वोट लेने वालों के बीच में है। यह चुनाव भारत के भविष्य से जुड़ा है।
