सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम को वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें पश्चिम एशिया की बदलती स्थिति के मद्देनजर पेट्रोलियम, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य निर्बाध आपूर्ति, स्थिर रसद और देश भर में कुशल वितरण सुनिश्चित करना है, और सरकार इस दिशा में सक्रिय कदम उठा रही है। सूत्रों ने कहा कि उपभोक्ता और उद्योग हितों की रक्षा के लिए वैश्विक घटनाक्रमों की निरंतर निगरानी सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।
ऊर्जा संकट के मद्देनजर अहम बैठक
पीएम मोदी बोले- वैश्विक ऊर्जा संकट का जन्म
12 मार्च को पीएम मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है, जो राष्ट्रीय चरित्र की एक गंभीर परीक्षा है और इसके लिए शांति, धैर्य और जन जागरूकता बढ़ाकर परिस्थितियों से निपटना आवश्यक है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में उत्पन्न बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। पीएम मोदी ने कहा, आपूर्ति श्रृंखला में उत्पन्न बाधाओं को दूर करने के तरीकों का पता लगाने के लिए भी निरंतर प्रयास जारी हैं।
अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया
28 फरवरी को पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष में अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था, तब से प्रधानमंत्री ने कई वैश्विक नेताओं से बात की है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजराइल और उसके कई खाड़ी पड़ोसी देशों पर हमला किया है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नियंत्रित करता है, जो एक महत्वपूर्ण समुद्री परिवहन मार्ग है जिससे होकर दुनिया की 20 प्रतिशत ऊर्जा का परिवहन होता है। संघर्ष के बाद से, ईरान ने बहुत कम जहाजों को इसे पार करने की अनुमति दी है।
नाकाबंदी के कारण भारत सहित कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति में गंभीर व्यवधान उत्पन्न हुआ है। संघर्ष के बाद से पीएम मोदी ने सऊदी अरब, यूएई, कतर, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान के नेताओं से टेलीफोन पर बातचीत की है।
पश्चिम एशिया संकट के बीच अपरिहार्य स्थिति की घोषणा के चलते तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति बाधित होने की वजह से देश के यूरिया संयंत्र अपनी आधी क्षमता पर परिचालन कर रहे हैं। उद्योग सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि देश की सबसे बड़ा एलएनजी प्राप्त करने वाला टर्मिनल चलाने वाली पेट्रोनेट एलएनजी लि. ने अपरिहार्य स्थिति की घोषणा की है। आपूर्तिकर्ताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य व्यवधान की वजह से कंपनी को अनुबंधित मात्रा में गैस की आपूर्ति करने में असमर्थता जताई है।
