वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास बोट हादसे में मारे गए 15 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर हो ची मिन्ह सिटी से वियतनाम एयरलाइंस से मुंबई पहुंचे। आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु की राज्य सरकारें अपने-अपने राज्यों में पार्थिव शरीर पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी।
नौका हादसे में जान गंवाने वाले अपने 14 सहयोगियों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा।
वहीं, घरेलू मोबाइल फोन कंपनी लावा इंटरनेशनल ने वियतनाम में हुए नौका हादसे में जान गंवाने वाले अपने 14 सहयोगियों एवं एक कर्मचारी के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को पर्यटकों से भरी नौका के पलट जाने से लावा कंपनी के 14 सहयोगियों और एक कर्मचारी की मौत हो गई थी।
लावा ने एक बयान में कहा, ’’इस मुश्किल समय में पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता दिखाते हुए कंपनी हरेक मृतक के परिजनों को 25-25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी।’’
कंपनी ने कहा कि जरूरी जांच-पड़ताल और कागजी कार्रवाई के बाद प्रभावित परिवारों को यह मदद सीधे दी जाएगी।
'मदद मानवीय आधार पर दी जा रही'
बयान के मुताबिक, ’’यह मदद स्वेच्छा से और मानवीय आधार पर दी जा रही है। जिन लोगों की जान गई, वे लावा परिवार के अहम सदस्य थे। गहरे दुख की इस घड़ी में हम उनके परिवारों के साथ खड़े हैं और इस मुश्किल समय में उन्हें अपना सहयोग दे रहे हैं।’’ हादसे के समय नाव में कुल 36 लोग सवार थे जिनमें 32 भारतीय पर्यटक एवं स्थानीय चालक दल के चार सदस्य शामिल थे। इनमें से 21 लोगों को बचा लिया गया था।
लावा ने रविवार रात को एक बयान में कहा था कि वियतनाम गए उसके 86 कर्मचारी एवं साझेदार सुरक्षित भारत लौट आए हैं। कुछ कर्मचारी एवं चैनल साझेदार अभी वियतनाम में ही हैं और मृतकों के शवों को भारत लाने की प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं। लावा ने कहा कि वह वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास, स्थानीय प्रशासन और हो ची मिन्ह सिटी में भारतीय वाणिज्य दूतावास के साथ लगातार संपर्क में है।
