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उत्तराखंड सुरंग हादसा: सिलक्यारा सुरंग में 'वर्टिकल होल' बनाने के लिए ड्रिलिंग की तैयारियां शुरू, आज गडकरी कर सकते हैं दौरा

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 19, 2023, 12:05 AM IST

उत्तराखंड सुरंग हादसा: उत्तरकाशी में हुए सुरंग हादसे में कुल 41 मजदूर फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है।

उत्तराखंड सुरंग हादसा: उत्तराखंड सुरंग हादसे का आज आठवां दिन हैं। अभी तक मजदूरों को नहीं निकाला जा सका है। उत्तरकाशी में हुए सुरंग हादसे में कुल 41 मजदूर फंसे हुए हैं। इन्हें निकालने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक सफलता हाथ नहीं लगी है। आज उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी यहां आकर, रेस्क्यू ऑपरेशन का जायजा ले सकते हैं।

BRO तैयारी में जुटी

उत्तरखंड में सिलक्यारा सुरंग हादसे के आठवे दिन अधिकारियों ने उस पहाड़ी के उपर से एक 'वर्टिकल होल' बनाने के लिए ड्रिलिंग करने की तैयारियां शुरू कर दीं जिसके नीचे पिछले करीब एक सप्ताह से सीमित भोजन और संपर्क के साथ 41 श्रमिक फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग तक वैकल्पिक रास्ता रविवार दोपहर बाद तक तैयार कर दिया जाएगा और बीते शुक्रवार से रूका हुआ बचाव अभियान दोबारा शुरू हो जाएगा। बीआरओ के कमांडिंग ऑफिसर मेजर नमन नरूला ने संवाददाताओं को बताया- "हम सुरंग के उपर से वर्टिकल पैदल रास्ता बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सुरंग के उपर एक ऐसा बिंदु चिन्हित किया गया है जहां से जल्द ड्रिलिंग शुरू की जाएगी। यह पैदल रास्ता एक हजार से 1100 मीटर लंबा है। इसके साथ ही हम यह जानने के लिए भी सर्वेंक्षण कर रहे हैं कि इसमें कितना समय लगेगा। हमारे अनुमान के अनुसार, यह पैदल रास्ता कल (रविवार) अपराह्न तक तैयार हो जाएगा।"

5 योजनाओं पर एक साथ काम

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के अधिकारियों और साइट पर विशेषज्ञों की एक टीम ने 41 लोगों को बचाने के लिए पांच योजनाओं पर एक साथ काम करने का फैसला किया है। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बन रही सुरंग के ढहे हिस्से के मलबे को भेदने के लिए इंदौर से उच्च भेदन क्षमता वाली शक्तिशाली ऑगर मशीन मौके पर पहुंच गयी है और इसके हिस्सों को जोड़ा जा रहा है जिससे उसे स्थापित कर दोबारा ड्रिलिंग शुरू की जाए। प्रधानमंत्री के पूर्व सलाहकार और वर्तमान में उत्तराखंड सरकार में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) भास्कर खुल्बे ने सिल्क्यारा में कहा कि ठोस प्रयासों से चार-पांच दिन में अच्छे नतीजे आएंगे। उन्होंने कहा- "लेकिन अगर भगवान की कृपा रही तो यह उससे पहले भी हो सकता है।"

पिछले रविवार हुआ था हादसा

पिछले रविवार की सुबह छह बजे सुरंग ढही थी और तब से एक सप्ताह गुजर चुका है और इसके साथ ही बाहर खड़े श्रमिकों के परिजनों का धैर्य भी खोने लगा है। जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है श्रमिकों के परिजनों में निराशा बढ़ती जा रही है। मलबे को भेद उसमें स्टील पाइप डालकर 'एस्केप पैसेज' बनाए जाने के लिए लाई गयी शक्तिशाली अमेरिकी आगर मशीन में कुछ खराबी आने के कारण शुक्रवार दोपहर से रुके बचाव अभियान के मद्देनजर परिजनों की बेचैनी बढ़ने लगी है।उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सिलक्यारा सुरंग केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी चारधाम आलवेदर सड़क परियोजना का हिस्सा है। इस सुरंग का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग और अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड कर रही है ।

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