उत्तराखंड में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की बागेश्वर विधानसभा सीट अपने पास बरकरार रखी है, जहां शुक्रवार को घोषित परिणाम में उसकी प्रत्याशी पार्वती दास ने अपने निकटतम प्रतिद्धंदी कांग्रेस के बंसत कुमार को 2400 से अधिक मतों से पराजित किया। भाजपा प्रत्याशी को 2,405 मतों से विजय हासिल हुई, बागेश्वर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी पार्वती दास को मिली जीत से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कद और बढ़ेगा ऐसा माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में मिली यह जीत खासी अहम मानी जा रही है
गौर हो कि बागेश्वर विधानसभा सीट से धामी मंत्रिमंडल के सदस्य रहे चंदन राम दास की बीमारी से हुई मृत्यु के बाद यह सीट रिक्त हो गयी थी। भाजपा ने इस सीट पर उनकी पत्नी पार्वती दास को अपना उम्मीदवार बनाया था।
अंतिम दौर में किए गए जोरदार प्रचार ने बदल दिया हवा का रुख
दूसरी ओर, उपचुनाव के बहाने मुख्यमंत्री को घेरने में जुटी कांग्रेस ने बागेश्वर में अपने कई हैवीवेट नेताओं को प्रचार की डोर थमाए रखी। यहां तक कि कांग्रेसी दिग्गज एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी आठ दिनों तक बागेश्वर में डेरा डाले रखा लेकिन मुख्यमंत्री धामी द्वारा अंतिम दौर में किए गए जोरदार प्रचार ने हवा का रुख ही बदल डाला।
सीएम पुष्कर धामी पर आलाकमान अपना पूर्ण भरोसा जताता रहा है
मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में मिली यह जीत इसलिए भी अहम हो जाती है कि आज आए नतीजों में पड़ोसी एवं भाजपा शासित राज्य उत्तरप्रदेश की कोसी विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में देवभूमि में बाबा बागनाथ की धरती से आई इस जीत ने भाजपा को 2024 लोकसभा चुनावों को लेकर आश्वस्त किया है। यूं भी, सीएम पुष्कर धामी पर आलाकमान अपना पूर्ण भरोसा जताता रहा है।
भाजपा के कोर मुद्दों में से एक समान नागरिक संहिता को राज्य में लागू करने के के साथ ही धर्मांतरण कानून को धामी देवभूमि में लागू कर भाजपा के एजेंडे को लगातार आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। ऐसे में अब बागेश्वर की धरती से आई इस जीत ने धामी को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष अग्रिम पंक्ति में लाकर खड़ा कर दिया है।
