Kohinoor Diamond : भारत से चुराए कोहिनूर हीरे पर ब्रिटेन (Britain) में बवाल मच गया है और इसे पहनने का साहस ब्रिटेन की नई महारानी भी नहीं कर पा रही हैं। आप भी सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्या हो गया कि जो कोहीनूर हीरा पिछले 173 साल से आपके पास है, जिसे आप ब्रिटेन का शाही ताज कहते हैं उसे पहनने की हिम्मत राजपरिवार नहीं कर पा रहा है। पिछले साल सितंबर में ब्रिटेन की महारानी क्वीन एलिजाबेथ सेकंड का निधन हो गया था इसके बाद प्रिंस चार्ल्स और उनकी पत्नी को कैमिला को ब्रिटेन का नया किंग और क्वीन मान लिया गया लेकिन अब 6 मई को इनका ऑफिशियल राज्याभिषेक होगा।
कैमिला ने किया इंकार?
इस भव्य कार्यक्रम में दोनों को ताज पहनाया जाएगा। हैरानी की बात ये है कि इस ताजपोशी कार्यक्रम में क्वीन कैमिला अपनी सास क्वीन एलिजाबेथ का कोहीनूर जड़ा हुआ शाही ताज नहीं पहनेंगी जबकि ब्रिटेन राजपरिवार की परंपरा है कि क्वीन की ताजपोशी पर भारत का कोहिनूर हीरा लगा वाला ताज पहना जाता है। ऐसा क्या हुआ कि कैमिला ने इस ताज को पहनने से मना कर दिया। कैमिला अब क्वीन मैरी का ताज पहनेगी, इस ख़बर से पूरी दुनिया में खलबली है कि आख़िर ब्रिटेन का शाहीपरिवार अपनी 100 साल से ज़्यादा पुरानी परंपरा क्यों तोड़ रहा है जबकि कोहिनूर वाला ताज पहने बिना शाही परिवार का कोई कार्यक्रम नहीं होता था। अब ताजपोशी के कार्यक्रम से वही ताज गायब होगा। जो क्वीन एलिजाबेथ फर्स्ट से पहले की महारानी थीं जबकि ब्रिटेन के पास कोहीनूर 1850 में क्वीन विक्टोरिया के पास पहुंचा था 1911 में शाही ताज में लगाया गया था।कोहिनूर ताज की अहमियत
- जिस शाहीताज में भारत का कोहिनूर लगा है वो 105 कैरट का है
- जिसकी कीमत का अंदाज़ा लगाया जाए तो करीब 1 लाख करोड़ रुपये बैठती है
- ये दुनिया के सबसे बड़े कटे हुए हीरों में से एक है।
- इसके अलावा इस मुकुट में 2,800 हीरे और लगे हुए हैं..जो दुनिया के अलग-अलग देशों से लाये गये थे, इससे इस ताज़ की कीमत और अहमीयत और बढ़ जाती है ।
- इस कोहिनूर को भारत की गोलकुंडा की खदान से निकाला गया था जो कई देशों से होते हुए ब्रिटेन की शाहीताज तक पहुंचा
