उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारियां तेज करने की रणनीति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनाव में पार्टी के सबसे बड़े चेहरे के तौर पर मैदान में उतारने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, नवंबर 2026 के मध्य से प्रधानमंत्री के उत्तर प्रदेश दौरे शुरू हो सकते हैं। विकास परियोजनाओं के उद्घाटन, शिलान्यास और जनसभाओं के जरिए चुनाव से पहले माहौल बनाने की योजना है। इसके साथ ही बीजेपी संगठन को बूथ स्तर से लेकर जातीय और सामाजिक समीकरणों तक मजबूत करने पर जोर दे रही है।
यूपी चुनाव को लेकर बीजेपी की तैयारियां तेज। PTI
सूत्रों के मुताबिक, चुनाव की घोषणा से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब एक दर्जन कार्यक्रमों और रैलियों को संबोधित कर सकते हैं। इसके लिए प्रदेश की 18 कमिश्नरियों में कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जा रही है। पार्टी की रणनीति विकास कार्यों को चुनावी अभियान के केंद्र में रखने और केंद्र तथा योगी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की है।
विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास पर नजर
बीजेपी की चुनावी रणनीति में उत्तर प्रदेश की प्रमुख विकास परियोजनाओं को अहम स्थान दिया जा रहा है। चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कराने की तैयारी बताई जा रही है। संभावित परियोजनाओं में वाराणसी अर्बन रोपवे, कानपुर मेट्रो के अगले चरण और आगरा मेट्रो के नए भूमिगत स्टेशन शामिल हैं। लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का शिलान्यास भी संभावित कार्यक्रमों में शामिल हो सकता है।
इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर परिसर की चारदीवारी और संग्रहालय, जेवर में एचसीएल-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर यूनिट, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे और वाराणसी के गंजारी में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम जैसी परियोजनाओं पर भी पार्टी की नजर है।
नोएडा में एक्वा लाइन के सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन तक विस्तार, जेवर एयरपोर्ट के कार्गो हब और वृंदावन के बांके बिहारी कॉरिडोर से जुड़े कार्यक्रम भी संभावित एजेंडे का हिस्सा बताए जा रहे हैं। बीजेपी इन परियोजनाओं के जरिए विकास, बेहतर कनेक्टिविटी, धार्मिक पर्यटन और निवेश को चुनावी विमर्श में प्रमुखता देना चाहती है।
133 सीटों पर खास फोकस, 12 हजार विस्तारकों की तैयारी
प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रमों के साथ बीजेपी ने संगठनात्मक स्तर पर भी चुनावी तैयारी तेज करने की योजना बनाई है। वाराणसी में होने वाली बैठक में काशी और गोरक्ष प्रांत की 133 विधानसभा सीटों की रणनीति पर चर्चा होगी। इसमें बूथ कार्यकर्ताओं से संपर्क, सर्वसमाज की बैठकें और सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने की योजना पर जोर रहेगा।
बीजेपी की संगठनात्मक रणनीति के तहत करीब 12 हजार विस्तारक लगाने की तैयारी है। योजना के मुताबिक, प्रत्येक 15 बूथ पर एक विस्तारक तैनात करने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही लगभग 80 हजार संगठनात्मक बैठकों की योजना बनाई गई है। कमजोर बूथों और उन सीटों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां पार्टी को अपनी स्थिति मजबूत करने की जरूरत है।
बीजेपी का लक्ष्य संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय बनाकर केंद्र तथा राज्य सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों को मतदाताओं तक पहुंचाना है। पार्टी के पदाधिकारी स्थानीय स्तर पर जनसंपर्क और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने पर भी काम करेंगे।
पीएम मोदी, शाह, राजनाथ और योगी समेत बड़े नेता संभालेंगे मोर्चा
उत्तर प्रदेश चुनाव के लिए बीजेपी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा अपने कई वरिष्ठ नेताओं को भी अभियान में उतारने की तैयारी कर रही है। संभावित प्रचार अभियान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की भूमिका अहम हो सकती है। नितिन नवीन और विनोद तावड़े समेत संगठन के कई नेताओं के साथ स्मृति ईरानी, केशव प्रसाद मौर्य, स्वतंत्र देव सिंह और हेमा मालिनी सहित अन्य नेता भी जनता के बीच पहुंच सकते हैं।
पार्टी की रणनीति में सरकार की उपलब्धियों का प्रचार करने के साथ विपक्ष के आरोपों का जवाब देना और कमजोर विधानसभा सीटों पर विशेष अभियान चलाना शामिल है। बीजेपी विकास परियोजनाओं और प्रधानमंत्री की रैलियों के जरिए चुनावी माहौल तैयार करना चाहती है।
दिसंबर से संघ के आनुषंगिक संगठनों का प्रवास भी संभव
बीजेपी के चुनावी अभियान में संगठनात्मक समन्वय को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, दिसंबर से संघ के आनुषंगिक संगठनों के संगठन प्रभारी भी उत्तर प्रदेश में प्रवास शुरू कर सकते हैं। करीब तीन महीने तक चलने वाले इस अभियान में जनसंपर्क, सामाजिक संपर्क और संगठन की मजबूती पर जोर दिए जाने की संभावना है।
कुल मिलाकर, 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की रणनीति विकास परियोजनाओं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभाओं, वरिष्ठ नेताओं के प्रचार और बूथ स्तर पर मजबूत संगठन के इर्द-गिर्द तैयार होती दिख रही है। हालांकि, प्रधानमंत्री के दौरों और परियोजनाओं से जुड़े कार्यक्रमों की अंतिम रूपरेखा की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
