उद्धव ठाकरे ने मुंबई में बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में हालिया निकाय चुनावों को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के दौरान पहली बार धन बल का प्रयोग किया गया। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर भारतीय जनता पार्टी यह सोचती है कि वह शिवसेना (यूबीटी) को खत्म कर सकती है, तो यह उसकी सबसे बड़ी गलतफहमी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिवसेना (यूबीटी) सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक विचार है, जिसे मिटाया नहीं जा सकता।
उद्धव ठाकरे ने बोला भाजपा पर हमला। फोटो- x/ShivSenaUBT
बालासाहेब ठाकरे की जन्मशताब्दी वर्ष के तहत मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि देशभर से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और जनता ने यह दिखा दिया है कि शिवसेना खत्म नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यह जो माहौल बनाया गया था कि शिवसेना खत्म हो गई, ठाकरे नाम मिटा दिया जाएगा, आपने उसे रोक दिया। यह सिर्फ महाराष्ट्र ही कर सकता है।
धनबल के इस्तेमाल का आरोप
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि मुंबई में पहली बार खुले तौर पर धनबल का इस्तेमाल हुआ। उन्होंने कहा कि मुझे कई जगहों से शिकायतें मिलीं। दरवाजे बंद थे, तो दरवाजों की दरार से नोटों से भरे लिफाफे फेंके गए। आप वोट खरीद सकते हैं, लेकिन दिल कैसे खरीदेंगे? उन्होंने दावा किया कि जनता का दिल आज भी भगवा विचारधारा और शिवसेना (यूबीटी) के साथ है।
राज ठाकरे का हिंदुत्व पर तंज
इसी कार्यक्रम में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने भी सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि बालासाहेब ठाकरे ने देश में हिंदुओं की ताकत को दिखाया था और हिंदू, हिंदू के रूप में वोट देने लगे थे। राज ठाकरे ने कहा कि अगर बालासाहेब आज जीवित होते और हिंदुत्व के नाम पर लगा यह राजनीतिक बाजार देखते, तो उनका दिल टूट जाता। वे कहते-मैंने क्या कहा था और आज इसका क्या बना दिया गया है।
तूफानों में खेलकर बड़े हुए
उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि वे दोनों तूफानों में खेलकर बड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि तूफान से लड़ना एक बात है, लेकिन उस तूफान की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाना कितना कठिन होता है, यह वही समझ सकता है जो सच में वह जिम्मेदारी उठाता है।
बीएमसी चुनावों के बाद आया बयान
उद्धव ठाकरे का यह बयान हाल ही में हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका चुनावों के बाद आया है। 227 सदस्यीय सदन में BJP ने 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी का दर्जा हासिल किया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (29 सीटें) के साथ गठबंधन कर भाजपा ने देश की सबसे अमीर नगर निकाय पर ठाकरे परिवार का दशकों पुराना नियंत्रण समाप्त कर दिया। हालांकि शिवसेना (यूबीटी) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के गठबंधन ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया। शिवसेना (यूबीटी) ने 65 सीटें जीतीं, जबकि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली MNS को 6 सीटें मिलीं, लेकिन यह गठबंधन BJP-नेतृत्व वाली महायुति को बहुमत हासिल करने से रोक नहीं सका।
