शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित दशहरा रैली में केंद्र की एनडीए सरकार को हटाकर सत्ता परिवर्तन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार बदलने के लिए एकजुट होकर खड़ा हुआ है और बीजेपी को सत्ता से हटाने के बाद देश में ‘अच्छे दिन’ लाए जाएंगे। ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से जमा हो रहे लोगों के गुस्से का नतीजा अब उन्हें भुगतना होगा।
शिवाजी पार्क में शिवसेना की दशहरा रैली को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने मतदाता सूची में नाम काटे जाने, कथित वोट चोरी, युवाओं के विरोध प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा, “हां, हम सरकार बदलना चाहते हैं। हमें बताइए कि हमें ऐसा क्यों नहीं करना चाहिए?” ठाकरे ने पार्टी कार्यकर्ताओं से सरकार बदलने के लिए जुटने की अपील की और सत्ता परिवर्तन के बाद ‘अच्छे दिन’ लाने का वादा किया।
‘वोट चोरी के खिलाफ सड़क पर उतरना युवाओं का अधिकार’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, क्योंकि उनके मुताबिक मतदाता सूची में नाम काटे जा रहे हैं और नए मतदाताओं के वोट भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि 13 करोड़ मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। उन्होंने एक सेना अधिकारी का जिक्र करते हुए कहा कि जब देश की रक्षा करने वाले सैन्य अधिकारियों के वोट पर भी सवाल उठ रहे हैं, तो लोग सरकार बदलने की मांग क्यों न करें।
ठाकरे ने प्रदर्शन कर रहे युवाओं को नक्सली कहे जाने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि ये युवा अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरे हैं और उन्हें नक्सली नहीं, बल्कि क्रांतिकारी के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं ने न्यायपालिका, सरकार, पुलिस और मुख्यमंत्रियों के दरवाजे खटखटाए हैं। जब उन्हें न्याय नहीं मिलता, तभी वे सड़कों पर उतरते हैं।
मोहन भागवत और RSS पर भी साधा निशाना
उद्धव ठाकरे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत से तिरंगे को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत हमें बताएं कि क्या RSS को अब भी तिरंगे से नफ़रत है, प्रोटेस्टर्स को सिर्फ नेशनल फ्लैग फहराने पर अरेस्ट किया जाता है? उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई तिरंगा लेकर चल रहा है, तो उसे अरेस्ट किया जा रहा है। क्या यह नेशनल फ्लैग के लिए आपकी नफरत है? मोहन भागवत जी, आपकी बुराई यह है कि RSS अपने हेडक्वार्टर पर तिरंगा नहीं फहराता, क्या यह आज भी सच है?
उन्होंने भागवत की उस टिप्पणी पर भी सवाल उठाए, जिसमें विरोध प्रदर्शनों को मर्यादा में रहकर करने की बात कही गई थी। ठाकरे ने पुलिस की कार्रवाई का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान युवाओं के साथ मारपीट की गई, उनके कपड़े फाड़े गए और बाल खींचे गए। उन्होंने कहा कि युवाओं के साथ हुए व्यवहार को देश देख रहा है।
ठाकरे ने कहा कि अगर युवाओं के गुस्से को समय रहते नहीं समझा गया, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने युवाओं की आंखों में गुस्सा देखा था।
चुनाव आयोग पर निशाना, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने सवाल किया कि जब चुनाव से जुड़े दूसरे मामलों में इस्तीफे की मांग की जाती है, तो ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग क्यों नहीं होनी चाहिए।
ठाकरे ने चुनाव आयोग को बीजेपी की कमजोर कड़ी बताते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया जा रहा है और लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और मतदान के अधिकार को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना जरूरी है।
हिंदुत्व और भगवा ध्वज पर भी बोले उद्धव
उद्धव ठाकरे ने बीजेपी के हिंदुत्व की आलोचना करते हुए अपने दल के हिंदुत्व को उससे अलग बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भगवा पहनकर महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों का हिंदुत्व स्वीकार्य नहीं है और बीजेपी हिंदुत्व को बदनाम कर रही है। उन्होंने कहा कि भगवा ध्वज केवल महाराष्ट्र विधानसभा पर ही नहीं, बल्कि लाल किले पर भी फहराया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी तिरंगे के रंगों को अलग-अलग करके लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है।
ठाकरे ने अपने संबोधन में बार-बार युवाओं के गुस्से और मताधिकार की रक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों से जमा हो रहा यह गुस्सा अब सामने आ रहा है और मोदी तथा शाह को इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
