झूठी खबरों का शिकार हुआ सच, चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ के तीखे बोल

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Mar 4, 2023, 07:10 AM IST

अमेरिकन बार एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में चीफ जस्टिस ने कहा कि निश्चित तौर पर हम तरक्की के रास्ते पर हैं। लेकिन अब लोग दूसरे के विचारों को सुनना कम पसंद कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं। सभी विषयों पर वो अपनी राय भी रखते हैं। अमेरिकन बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यात्राओं और तकनीक की वजह से मानव मूल्यों का प्रसार दुनिया के अलग अलग हिस्सों में हुआ है। लेकिन एक सच यह भी है कि हम इस बात को स्वीकार नहीं कर पा रहे कि अलग अलग विचारों को भी जगह देने की आवश्यकता है। झूठी खबरों के संसार में सच भी शिकार है, आज के समय में सहिष्णुता की कमी सबसे बड़ी चुनौती के रूप में सामने आ रही है।

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डी वाई चंद्रचूड़, चीफ जस्टिस

लोगों में धैर्य की कमी

सीजेआई ने कार्यक्रम के उद्घाटन भाषण के दौरान कहा कि जनता के बीच धैर्य और सहनशीलता की कमी हमारे युग की सबसे बड़ी चुनौती है। इसके पीछे बड़ी वजहों में से एक हिस्सा प्रौद्योगिकी का आना भी है। सोशल मीडिया के प्रसार के साथ जिसे आप बीज मान सकते हैं वो एक पूरे सिद्धांत में अंकुरित हो सकता है, जिसे कभी भी तर्क की कसौटी पर परखा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि स्थिति ये हो गई है कि न्यायाधीशों को भी ट्रोलिंग से नहीं बख्शा जाता है। हम जो कुछ भी करते हैं और मेरा विश्वास करते हैं, न्यायाधीशों के रूप में हम इसके अपवाद नहीं हैं। हम जो कुछ भी करते हैं, उसके लिए ट्रोल किए जाने का खतरा होता है। कोई है जो आपकी बात साझा नहीं करता है। हम आज एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहां लोगों के पास धैर्य की कमी है।

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