ट्रेन हुई 13 घंटे लेट, कोर्ट ने भारतीय रेलवे को दिया आदेश- इस यात्री को दें 60000 रुपए मुआवजा

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Oct 28, 2023, 09:54 PM IST

Compensation For Train Delay: केरल की एक अदालत ने ट्रेन की देरी होने की वजह से बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने चेन्नई-अलाप्पुझा एक्सप्रेस की 13 घंटे की देरी होने की वजह से एक यात्री 60 हजार रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया।

Compensation For Train Delay: केरल की एक अदालत ने ट्रेन लेट होने पर 60000 रुपए एक यात्री को मुआवजा देने का आदेश भारतीय रेलवे को दिया। एर्नाकुलम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने भारतीय रेलवे को चेन्नई-अलाप्पुझा एक्सप्रेस की 13 घंटे की देरी होने से हुई असुविधा के लिए एक यात्री को मुआवजे के तौर पर 60000 रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया है। शिकायतकर्ता कार्तिक मोहन चेन्नई में एक मल्टीनेशनल कंपनी में डिप्टी मैनेजर हैं। उन्होंने 6 मई, 2018 को एक महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए एर्नाकुलम से चेन्नई के लिए टिकट बुक किया था। हालांकि ट्रेन (संख्या 22640) 13 से अधिक देरी से चल रही थी। शिकायत में कहा गया कि न केवल उनकी प्लानिंग फेल हुई बल्कि NEET परीक्षा उम्मीदवारों और उनके माता-पिता समेत कई अन्य यात्रियों को भी परेशानी हुई।

Compensation for train delay, Indian Railways

ट्रेन लेट होने पर मुआवजे का आदेश

शिकायतकर्ता ने कहा कि अगर रेलवे अधिकारियों ने देरी के बारे में पहले बताया होता तो यात्री वैकल्पिक व्यवस्था कर सकते थे। उन्होंने सर्विस में कथित कमी के लिए रेलवे अधिकारियों से 5 लाख रुपए का मुआवजा मांगा। हालांकि रेलवे ने बताया कि वह ट्रेन पथ, स्टेशन टाइम, यात्री डिमांड और ट्रैक रखरखाव, सिग्नल विफलता या दुर्घटना जैसी अप्रत्याशित परिस्थितियों जैसे विभिन्न कारकों को ध्यान में रखते हुए पूर्व नियोजित कार्यक्रम के आधार पर ट्रेनों का संचालन करता है। इस मामले में ट्रेन नंबर 22639 के देर से पहुंचने के कारण ट्रेन को अलाप्पुझा स्टेशन से प्रस्थान करने के लिए पुनर्निर्धारित किया गया था। इसमें कहा गया है कि देरी चेन्नई डिवीजन के अराकोणम में यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के कारण विल्लुपुरम और काटपाडी के माध्यम से ट्रेन के रूट बदलने के कारण हुई जो सुरक्षा संबंधी जरूरत थी।

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