बीते दिन मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई फायरिंग के मामले में मुंबई पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस कर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। मुंबई पुलिस के डीसीपी क्राइम ब्रांच राज तिलक रौशन ने इस मामले में जो सबसे अहम बात बताई है वो यह है कि तीनों गिरफ्तार आरोपियों में कोई भी नाबालिग नहीं है। तीनों में से दो हरियाणा और एक बिहार का रहने वाला है।
डीसीपी ने यह भी कहा कि पुलिस के पास फिलहाल ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिससे पता चले कि फायरिंग की घटना से पहले अभिनेता टाइगर श्रॉफ को धमकी भरे फोन आए थे। उन्होंने कहा कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और जांच आगे बढ़ने के साथ अन्य जानकारियां सामने आएंगी।
20 टीमें बनाकर शुरू की गई जांच
डीसीपी राज तिलक रौशन ने घटना के बाद शुरू हुई जांच के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फायरिंग की घटना के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच ने करीब 20 विशेष टीमें गठित की थीं। इन टीमों ने तकनीकी विश्लेषण और ग्राउंड जीरो पर जांच करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान की ओर जा रहे हैं। इसके बाद अलग-अलग सुरागों के आधार पर उनकी गतिविधियों का पता लगाया गया और राजस्थान के कोटा में तीनों को पकड़ लिया गया।अंधेरी स्टेशन पर मिली बाइक, CCTV से मिला सुराग
उन्होंने बताया कि घटना के बाद आरोपियों की मोटरसाइकिल अंधेरी रेलवे स्टेशन पर मिली थी। इसके बाद आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज के विश्लेषण से पता चला कि आरोपी वेस्टर्न रेलवे लाइन के रास्ते सूरत की ओर गए थे।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी सूरत से पुणे-जयपुर एक्सप्रेस में सवार होकर आगे बढ़े हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच ने ट्रेन के संबंधित कोच की जानकारी कोटा पुलिस के साथ साझा की। इसके बाद कोटा पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
दो लोग पिस्तौल लेकर पहुंचे थे
डीसीपी राज तिलक रौशन ने बताया कि घटना के दिन टाइगर श्रॉफ किसी निजी काम से जुहू गए थे। इसी दौरान दो लोग पिस्तौल लेकर पहुंचे,जबकि तीसरा व्यक्ति मोटरसाइकिल पर था। इस दौरान उन्होंने करीब पांच से सात राउंड गोलियां चलाई गई थीं।
धमकी मिलने के एंगल पर भी नजर
टाइगर श्रॉफ को पहले धमकी मिलने की आशंका को लेकर पूछे गए सवाल पर डीसीपी राज तिलक रौशन ने कहा , "हमारे पास इस बात का कोई रिकॉर्ड नहीं है कि टाइगर श्रॉफ को इस घटना से पहले कोई धमकी भरे फोन आए थे। हमने जांच शुरू कर दी है और समय आने पर हमें इस मामले में हुई बड़ी साजिश का पता चल जाएगा। हम मानक प्रक्रियाओं (एसओपी) और ऐसे मामलों से संबंधित पहले के अदालती आदेशों का पालन कर रहे हैं।"
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में मुंबई पुलिस का खुलासा
- मामले की जांच के लिए मुंबई पुलिस ने 20 टीमें गठित की थीं। तकनीकी और फॉरेंसिक टीमों की भी मदद ली गई।
- सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान आरोपियों को मुंबई के उत्तरी हिस्से की ओर जाते हुए देखा गया।
- आरोपी पुणे-जयपुर ट्रेन में सवार हुए थे। मुंबई पुलिस ने इसकी जानकारी कोटा पुलिस के साथ साझा की। मुंबई पुलिस की टीमें लगातार आरोपियों का पीछा कर रही थीं।
- पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो हरियाणा के सोनीपत और एक बिहार का रहने वाला है।
- आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
- पुलिस के मुताबिक, फायरिंग के दौरान करीब पांच राउंड गोलियां चलाई गईं। शुरुआती जांच में हत्या के प्रयास का मामला सामने आया है।
- गिरफ्तार आरोपियों में कोई नाबालिग नहीं है। दो आरोपी 12वीं पास हैं, जबकि एक ने 9वीं तक पढ़ाई की है।
- पुलिस ने आरोपियों के पास से अब तक हथियार बरामद नहीं किए हैं।
- जांच में दिल्ली, राजस्थान और गुजरात पुलिस की भी मदद ली गई।
- पुलिस के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ को पहले धमकी दिए जाने की कोई जानकारी फिलहाल रिकॉर्ड पर नहीं है।
- इस मामले में गिरफ्तार गिग वर्कर की पहचान रेहान अंसारी के रूप में हुई है। वह रैपिडो के साथ काम करता था और 12वीं तक पढ़ा है।
- पुलिस आरोपियों की सोशल मीडिया पोस्ट और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
