Tiger Shroff News: एक्टर टाइगर श्राफ पर हुई फायरिंग मामले में चार और लोग गिरफ्तार हुए हैं। दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार इन चार संदिग्धों को मुंबई पुलिस एंटी-एक्सटॉर्शन सेल लेकर आई है। इनके नाम कुणाल (21), सुमित (19), राधा (23) और बबीता (23) है। दिल्ली स्पेशल सेल के डीसीपी प्रवीण त्रिपाठी ने बताया, 'कल एक विशेष टीम ने चार लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें राधा और बबीता नाम की दो महिलाएं तथा सुमित और कुनाल नाम के दो पुरुष शामिल हैं।'
सुमित के साथ अमृतसर गया था कुनाल
पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाल ही में एक अन्य मामले में जेल से रिहा होने के बाद कुनाल, अनिल पंडित के निर्देश पर अपने सहयोगी सुमित के साथ अमृतसर गया था। वहां उसे एक निश्चित स्थान से हथियार लेने थे। इसके बाद अपने सहयोगी राधा की मदद से उसने इन हथियारों को मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था की। मुंबई में राधा और बबीता ने रेलवे स्टेशन के पास एक नाबालिग लड़के को हथियार सौंप दिए। कुनाल ने राधा और बबीता का इस्तेमाल हथियारों की तस्करी के लिए कूरियर के रूप में किया। राधा के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का फायदा उठाकर उसने उसे इस काम में शामिल किया। दोनों ट्रेन से हथियार लेकर मुंबई पहुंचे।
अनिल पंडित से निर्देश प्राप्त कर रहा था
उन्होंने कहा कि कुनाल एन्क्रिप्टेड संचार माध्यमों के जरिए अनिल पंडित के संपर्क में था। इससे पहले भी अनिल पंडित के कहने पर उसने पानीपत में गोलीबारी की एक घटना को अंजाम दिया था। इस बार भी वह सोशल मीडिया के जरिए अनिल पंडित से निर्देश प्राप्त कर रहा था और उन्हें आगे पहुंचा रहा था। निर्देशों में हथियार कहां से लेने हैं, उन्हें मुंबई तक कैसे पहुंचाना है और वहां किसे सौंपना है, जैसी व्यवस्थाएं शामिल थीं। जब डीसीपी से पूछा गया कि क्या इन लोगों के निशाने पर कोई अन्य सेलिब्रिटी भी था, तो उन्होंने कहा, 'पूछताछ के दौरान ऐसी कोई जानकारी सामने नहीं आई। ये लोग केवल हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का हिस्सा थे। इनकी जानकारी सिर्फ इतनी थी कि हथियार कहां से लेने हैं और कहां पहुंचाने हैं।'
कुनाल को 70 से 80 हजार रुपये मिले थे
उन्होंने आगे बताया, 'अनिल पंडित और हैरी बॉक्सर, रंदीप मलिक गैंग का हिस्सा हैं। हाल के दिनों में इस गैंग का नाम रंगदारी के लिए फोन करने और गोलीबारी की घटनाओं के सिलसिले में सामने आया है। ये लोग एन्क्रिप्टेड माध्यमों से एक-दूसरे के संपर्क में थे और वहीं से निर्देश प्राप्त करके उनका पालन करते थे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हथियारों की आवाजाही की व्यवस्था करने के लिए कुनाल को 70 से 80 हजार रुपये मिले थे। इसमें से लगभग 10 से 12 हजार रुपये हथियार पहुंचाने वाली कूरियर बबीता को दिए गए थे। कुनाल और सुमित सोनीपत के रहने वाले हैं। राधा और बबीता मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं, लेकिन वे सोनीपत में रह रही थीं और वहां सुरक्षा से जुड़े काम में कार्यरत थीं।'
एक-दूसरे के संपर्क में आए थे आरोपी
पुलिस अधिकारी ने आगे बताया कि 'ये सभी लोग इस खास काम के लिए पिछले दो से तीन सप्ताह के दौरान ही एक-दूसरे के संपर्क में आए थे। वे 15 तारीख को यहां से रवाना हुए और 17 तारीख की सुबह मुंबई पहुंचे। सुबह करीब 11 बजे दादर रेलवे स्टेशन के पास उन्होंने हथियार एक नाबालिग लड़के को सौंप दिए।'
