महाराष्ट्र के तीन गांवों ने ली 'भीष्म प्रतिज्ञा'; छह महीने के लिए बंद किया LPG का इस्तेमाल, अब खाना कैसे बनाएंगे?

महाराष्ट्र के धुले जिले के तीन गांवों बारीपदा, मोहगांव और चावड़ीपदा ने अगले छह महीनों के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद करने का प्रस्ताव पास किया है। यह फैसला खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई में रुकावट की चिंताओं के बीच आया है।

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच महाराष्ट्र के धुले जिले के तीन गांवों ने एक अनोखा और हैरान करने वाला फैसला लिया है। जिले के बारीपदा, मोहगांव और चावड़ीपदा गांव के लोगों ने अगले छह महीनों के लिए एलपीजी (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करने का प्रस्ताव पास किया है। इस फैसले को ग्रामीणों ने देश के लिए कुर्बानी बताते हुए सामूहिक रूप से समर्थन दिया है।

गैस संकट के बीच बड़ा कदम।

गैस संकट के बीच बड़ा कदम। (फोटो- AI)

गांव परिषद की बैठक में पास हुआ प्रस्ताव

इस प्रस्ताव को गांव परिषद की बैठक में पास किया गया। बैठक के दौरान सरपंच, डिप्टी सरपंच, स्थानीय प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गांववाले शामिल हुए। 'देश सबसे पहले' की भावना पर जोर देते हुए लोगों ने फ्यूल बचाने की दिशा में एक सशक्त कदम के तौर पर इस प्रस्ताव का एकमत से समर्थन किया। गांववालों ने बताया कि शहरी इलाकों में LPG के कम विकल्प हैं, लेकिन गांववाले पारंपरिक तरीकों पर वापस लौट सकते हैं, जिससे संभावित एनर्जी संकट के दौरान मिसाल कायम करना उनकी ज़िम्मेदारी है।

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