Parliamentary Committee First Meeting on Waqf Bill: वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने के लिए गठित संसद की संयुक्त समिति की पहली बैठक बृहस्पतिवार को होगी जिसमें इस समिति के सदस्य अल्पसंख्यक कार्य तथा विधि एवं न्याय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। लोकसभा सचिवालय का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद जगदंबिका पाल की अध्यक्षता वाली समिति 22 अगस्त को अल्पसंख्यक कार्य तथा विधि एवं न्याय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगी।
वक्फ संशोधन विधेयक (Waqf Board Amendment Bill) को लेकर पहली बैठक आज।
प्रस्तावित संशोधनों के बारे में दी जाएगी जानकारी
सचिवालय ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के प्रतिनिधियों से समिति को ‘विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों’ के बारे में जानकारी देने की उम्मीद है। सरकार ने वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले कानून में संशोधन से संबंधित विधेयक गत आठ अगस्त को लोकसभा में पेश किया था जिसे सत्तापक्ष एवं विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक एवं चर्चा के बाद संयुक्त समिति को भेजने का फैसला हुआ था।
वक्त विधेयक में किन बदलावों का दिया गया प्रस्ताव?
इस विधेयक में वर्तमान अधिनियम में दूरगामी बदलावों का प्रस्ताव दिया गया है, जिसमें वक्फ निकायों में मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना भी शामिल है। वक्फ (संशोधन) विधेयक में वक्फ अधिनियम, 1995 का नाम बदलकर ‘एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम, 1995’ करने का भी प्रावधान है।
मौजूदा कानून की धारा 40 को हटाने का प्रावधान
विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के विवरण के अनुसार, विधेयक में यह तय करने की बोर्ड की शक्तियों से संबंधित मौजूदा कानून की धारा 40 को हटाने का प्रावधान है कि कोई संपत्ति वक्फ संपत्ति है या नहीं। यह संशोधन विधेयक केंद्रीय वक्फ परिषद और राज्य वक्फ बोर्ड की व्यापक आधार वाली संरचना प्रदान करता है और ऐसे निकायों में मुस्लिम महिलाओं तथा गैर-मुसलमानों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करता है।
