Violence in Jamshedpur: झारखंड के जमशेदपुर में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। इस बार जमशेदपुर के शास्त्रीनगर में एक धार्मिक झंडे के कथित अपमान के बाद दो गुटों के बीच पथराव हुआ और उग्र भीड़ ने आगजनी भी की और कई दुकानों फूंक डाली, जिसके बाद रविवार शाम को क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। आज सुबह अर्धसैनिक बलों ने यहां फ्लैग मार्च भी किया। तनाव को देखते हुए आंशिक रूप से मोबाइल इंटरनेट बंद कर दिया गया है।
जमशेदपुर में झड़प के बाद तनाव
#WATCH | Security forces conduct flag march in Jamshedpur's Kadma police station area following an incident of ston… t.co/7NOYwm79WR
— ANI (@ANI) Apr 10, 2023
अधिकारियों ने बताया कि हिंसक भीड़ ने दो दुकानों और एक ऑटो-रिक्शा को आग लगा दी। अधिकारियों ने कहा कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। कदमा थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
उप-संभागीय अधिकारी (धलभूम) पीयूष सिन्हा ने कहा कि धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। पूर्वी सिंहभूम जिले की उपायुक्त विजया जाधव ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने उनकी साजिश को विफल करने के लिए आम नागरिकों से सहयोग का अनुरोध किया। पुलिस ने बताया कि इलाके में शनिवार रात तब से ही तनाव व्याप्त है जब एक स्थानीय संगठन के सदस्यों ने एक धार्मिक झंडे पर मांस का एक टुकड़ा चिपका पाया।
31 मार्च की रात को भी रामनवमी पर हिंसा हुई थी
इससे पहले 31 मार्च की रात को भी रामनवमी पर जमकर हिंसा हुई थी। जमशेदपुर के हल्दीपोखर में रामनवमी पर जमकर पथराव हुआ था। लोग रामनवमी का जुलूस निकाल रहे थे। जब जुलूस जुगसलाई पहुंचा तो कुछ लोगों ने विरोध करते हुए जुलूस पर पथराव शुरू कर दिया था। इस घटना से गुस्साए लोगों ने बाटा चौक में हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।
इसके बाद पहले तो दोनों समुदाय के लोगों के बीच भड़काऊ नारेबाजी शुरू हो गई। फिर लोगों ने तोड़-फोड और आगजनी शुरू कर दी। गुस्साए लोगों ने टायर जलाए और पुलिस की गाड़ी क्षतिग्रस्त कर उसमें आग लगा दी। इस हिंसा में पांच लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। अब दोबारा यहां उसी तरह के हालात बन गए हैं।
