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राहुल गांधी ने गर्भवती पत्रकार को दिया था धक्का? इस आरोप पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, बढ़ेंगी कांग्रेस नेता की मुश्किलें

12 अक्टूबर को राहुल गांधी और कई प्रमुख विपक्षी नेता अपने समर्थकों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और अनियमितताओं को लेकर याचिका दाखिल करने पहुंचे थे।

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राहुल गांधी की बढ़ेंगी मुश्किलें।

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 12 अक्टूबर को शीर्ष अदालत परिसर में एक गर्भवती महिला पत्रकार को कथित तौर पर धक्का देने के आरोप से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने सुनवाई की सहमति देते हुए कहा कि मामले पर 26 या 27 अक्टूबर को सुनवाई की जा सकती है।

बता दें कि शुक्रवार, 16 अक्टूबर को वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट की पीठ के सामने पेश किया था। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले से लंबित एक याचिका में आवेदन दाखिल किया गया है। गौरव भाटिया ने अदालत परिसर में एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया।

गर्भवती पत्रकार को अस्पताल में भर्ती कराने का दावा

गौरव भाटिया ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान आरोप लगाया था कि 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट परिसर में मार्च के दौरान राहुल गांधी ने एक महिला पत्रकार को धक्का दिया था। महिला पत्रकार तीन महीने की गर्भवती थीं और घटना के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। गौरव भाटिया ने अदालत से इस मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया था। इस पर पीठ ने उनसे संबंधित याचिका दाखिल करने को कहा था और मामले पर विचार करने की बात कही थी। हालांकि, ये आरोप हैं और मामले में अदालत की सुनवाई तथा आगे की कार्यवाही के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

12 अक्टूबर को SIR के विरोध में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे विपक्षी नेता

12 अक्टूबर को राहुल गांधी और कई प्रमुख विपक्षी नेता अपने समर्थकों के साथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। वे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने और अनियमितताओं को लेकर याचिका दाखिल करने पहुंचे थे। इस बीच, राष्ट्रीय राजधानी में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर भी प्रदर्शन हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं पर सवाल उठाए हैं।

मार्च को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने SIR, दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों, 12 अक्टूबर के मार्च और पत्रकारों तथा वकीलों के साथ कथित मारपीट से संबंधित कई याचिकाओं पर सुनवाई की थी। इसी दौरान अदालत ने महिला पत्रकार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने उस पत्रकार पर जंतर-मंतर के पास प्रदर्शन के दौरान जातिसूचक टिप्पणी करने और सार्वजनिक रूप से अपमानित करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। वहीं, 12 अक्टूबर के मार्च को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, कांग्रेस पार्टी और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए थे।
Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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