मंदिर का पैसा मैरिज हॉल में अश्लील डांस के लिए नहीं, तमिलनाडु सरकार के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर फंड से विवाह मंडप बनाने पर रोक लगाने से इनकार किया और कहा कि भक्तों का पैसा ऐसे कार्यों के लिए नहीं दिया जाता। कोर्ट ने सुझाव दिया कि इन निधियों का उपयोग शिक्षा और अस्पताल जैसे परोपकारी कार्यों में किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया जिसमें तमिलनाडु सरकार के मंदिर के फंड से मैरिज हॉल बनाने के फैसले को खारिज कर दिया गया था। ये मामला पलानी के अरुलमिघु धंडायुधपानी स्वामी मंदिर से जुड़ा है। मंदिर प्रशासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। लेकिन जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने इससे इनकार करते हुए हाईकोर्ट के आदेश की बरकरार रखा लागू रहेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के एक मंदिर फंड से मैरिज हॉल बनाने के फैसले पर लगाई रोक

मंदिर फंड के इस्तेमाल पर SC की नाराजगी

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