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तेलंगाना में वकील दंपत्ति की हत्या मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट ने CBI को सौंपी

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सुप्रीम कोर्ट ने वकील दंपत्ति की हत्या मामले की जांच सीबीआई को सौंपी

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना के पेड्डापल्ली जिले में 2021 में हुई एक वकील दंपति की हत्या के मामले की जांच मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी। न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि मामले में और जांच की आवश्यकता है। शीर्ष अदालत ने गट्टू किशन राव नाम के व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह फैसला सुनाया। किशन राव ने अपने बेटे गट्टू वामन राव और पुत्रवधू पी वी नागमणि की हत्या के मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने का अनुरोध किया था।

न्यूज एजेंसी भाषा की खबर के मुताबिक उच्च न्यायालय में वकालत करने वाले दंपति की कार को दो हमलावरों ने रामगिरि मंडल के एक गांव के पास रोकने के बाद उन पर चाकुओं एवं अन्य हथियारों से हमला किया था जिससे वकील दंपति की मौत हो गई थी। वामन और नागमणि ने सितंबर 2020 में उच्च न्यायालय का रुख कर शिकायत की थी कि मंथनी पुलिस थाने में एक व्यक्ति की कथित रूप से हिरासत में मौत के मामले में अदालत को एक पत्र (जिसे जनहित याचिका के रूप में लिया गया) लिखने के बाद पुलिस उन्हें परेशान कर रही है और धमका रही है।

दंपति ने उच्च न्यायालय सहित विभिन्न अदालतों में विभिन्न सार्वजनिक मुद्दों पर जनहित याचिकाएं दायर की थीं।पुलिस ने पहले कहा था कि एक अन्य कार में सवार दो लोगों ने वकील दंपति के वाहन को रोका और उन पर बेरहमी से हमला करने के बाद वे फरार हो गए।

(भाषा इनपुट)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

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