सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को दो नए जजों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी आर गवई ने बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे और पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विपुल एम पंचोली को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पद की शपथ दिलाई। राष्ट्रपति ने दोनों की नियुक्ति को मंजूरी दी थी।
कॉलेजियम की सिफारिश पर बनी बात
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कुछ दिन पहले ही इन दोनों नामों की सिफारिश केंद्र सरकार को भेजी थी। कॉलेजियम का कहना था कि अदालत में काम का बोझ बढ़ता जा रहा है, ऐसे में रिक्तियों को तुरंत भरना जरूरी है। सरकार ने सिफारिश पर तेज फैसला लेते हुए नियुक्ति को मंजूरी दे दी।
जस्टिस आलोक अराधे लंबे समय से न्यायपालिका में काम कर रहे हैं और कई हाईकोर्ट्स में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं जस्टिस विपुल पंचोली गुजरात हाईकोर्ट से पटना हाईकोर्ट ट्रांसफर हुए थे और वहां चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यरत थे।
जस्टिस पंचोली की नियुक्ति पर विवाद
जस्टिस पंचोली की सुप्रीम कोर्ट में नियुक्ति को लेकर विवाद भी खड़ा हुआ। कॉलेजियम की सदस्य और सुप्रीम कोर्ट की एकमात्र महिला जज जस्टिस बी वी नागरत्ना ने उनके नाम पर असहमति जताई थी। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने यह मांग भी की थी कि उनकी असहमति का नोट सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए।
उनकी आपत्तियों के पीछे दो प्रमुख कारण बताए जाते हैं। पहला, सुप्रीम कोर्ट में पहले से ही गुजरात से आने वाले दो जज मौजूद हैं। दूसरा, जस्टिस पंचोली को गुजरात हाईकोर्ट से पटना हाईकोर्ट भेजे जाने के कारणों को लेकर भी सवाल उठे थे। नागरत्ना का मानना था कि इन पहलुओं पर पारदर्शिता जरूरी है।
भविष्य में मुख्य न्यायाधीश बनने की संभावना
अनुमान है कि जस्टिस पंचोली का कार्यकाल लंबा रहेगा और 2031 में वह लगभग एक साल के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश भी बन सकते हैं। यही कारण है कि उनकी नियुक्ति को लेकर कानूनी हलकों में खास चर्चा हो रही है।
यहां पढ़िए जस्टिस गवई बाद कौन बनेगा CJI
आने वाले वर्षों में सुप्रीम कोर्ट का नेतृत्व कई वरिष्ठ न्यायाधीशों के हाथ में जाएगा। मौजूदा मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बी आर गवई के बाद क्रमशः जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस बी वी नागरत्ना, जस्टिस पी एस नरसिम्हा, जस्टिस जे बी पारदीवाला, जस्टिस के वी विश्वनाथन, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल मनुभाई पंचोली देश के मुख्य न्यायाधीश बनेंगे। इनमें खास बात यह है कि जस्टिस बी वी नागरत्ना भारत की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनने जा रही हैं, वहीं जस्टिस पंचोली 2031 में लगभग एक वर्ष तक इस पद पर रहेंगे।
