सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर राज्यों को छह महीने में नए नियम बनाने के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को छह महीने में नए नियम बनाने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा कि सुरक्षित फुटपाथ और सड़कें नागरिकों के जीवन के अधिकार से जुड़ी हैं।

देश में सड़कों और फुटपाथों पर पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कई अहम दिशानिर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया है कि वे मोटर वाहन अधिनियम की धारा 138(1A) और 210D के तहत छह महीने के भीतर नियम तैयार करें। इन नियमों का मकसद सड़कों की डिज़ाइन, रखरखाव, और पैदल यात्रियों व गैर-यांत्रिक वाहनों की सुरक्षा को मजबूत करना है।

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर राज्यों को छह महीने में नए नियम बनाने के निर्देश

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 6 महीने की समय सीमा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश धारा 138(1A) के तहत ऐसे नियम बनाएं जो नॉन मोटर वाहनों और पैदल यात्रियों की गतिविधियों को नियंत्रित करें और सार्वजनिक स्थानों व राष्ट्रीय राजमार्गों तक उनकी सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करें। इसके साथ ही, कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी राज्य धारा 210D के तहत सड़कों की डिज़ाइन, निर्माण और रखरखाव के मानक तय करने वाले नियम तैयार करें। यह नियम राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा अन्य सभी सड़कों पर लागू होंगे।

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