Bengal Municipal Recruitment Scam: पश्चिम बंगाल में कथित नगर निकाय भर्ती घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तेज हो गई है। इसी मामले में पूर्व मंत्री सुजीत बोस (Sujit Bose ED Custody) को कोलकाता की बैंकशाल कोर्ट ने 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने उन्हें सोमवार देर रात गिरफ्तार किया था। मंगलवार को मेडिकल जांच के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां एजेंसी ने पूछताछ के लिए हिरासत की मांग की। ईडी का आरोप है कि पश्चिम बंगाल के नगर निकायों में भर्ती प्रक्रिया के दौरान बड़े स्तर पर गड़बड़ियां हुईं। जांच एजेंसी के मुताबिक नौकरी देने के बदले पैसे लिए गए और नियमों को नजरअंदाज किया गया। बताया जा रहा है कि सुजीत बोस ने करीब 150 लोगों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की थी।
नगर निकाय भर्ती घोटाले में सुजीत बोस की बढ़ीं मुश्किलें
मनी लॉन्ड्रिंग के तहत दर्ज है मामला
ईडी को शक है कि इन भर्तियों में योग्यता के बजाय पैसे और व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल किया गया। यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग कानून यानी PMLA के तहत जांच के दायरे में है। ईडी का कहना है कि भर्ती घोटाले से जुड़े पैसों के लेनदेन के सबूत भी जांच के दौरान मिले हैं। इसी आधार पर एजेंसी अब सुजीत बोस से हिरासत में पूछताछ कर रही है ताकि पूरे नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके। इस बीच सुजीत बोस के बेटे समुद्र बोस ने अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि परिवार न्यायपालिका पर पूरा भरोसा करता है और कानूनी तरीके से आगे की लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि मामला अदालत में है, इसलिए वह ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहते।
भर्ती घोटालों को लेकर ईडी की लगातार कार्रवाई जारी
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता हमेशा जांच में सहयोग करते रहे हैं और पूछताछ के लिए खुद एजेंसी के सामने पेश हुए थे। वहीं भाजपा विधायक सजल घोष (Sajal Ghosh) ने इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सुजीत बोस को पहले कई मौके दिए गए थे, लेकिन आखिरकार उन्हें जेल जाना ही पड़ा। पश्चिम बंगाल में भर्ती घोटालों को लेकर ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है। इससे पहले भी कई मामलों में नेताओं और अधिकारियों से पूछताछ हो चुकी है। अब इस मामले में आगे की जांच और पूछताछ पर सबकी नजर बनी हुई है।
