IIT Delhi Event: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार प्रणाली महानिदेशक बिनय कुमार दास ने शनिवार को कहा कि विदेश जाने वाले छात्रों को अपनी जड़ों को नहीं भूलना चाहिए और देश लौटकर राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए।
डीआरडीओ
बिनय कुमार दास राष्ट्रीय राजधानी स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में ओपन हाउस के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा, ''अपनी जड़ों को कभी न भूलें। आप भारत से हैं। आप इस देश की संतान हैं। आप जहां भी जाएं, भारत की संस्कृति और परंपराओं को अपने साथ लेकर जाएं और उन्हें कभी न भूलें। आप एक आदर्श हैं।''
'भारतीय बनकर जाएं विदेश'
उन्होंने कहा, ''आप विदेश केवल डॉलर कमाने के लिए एक व्यक्ति के रूप में नहीं जा रहे हैं, बल्कि एक भारतीय के रूप में जा रहे हैं। लोग आपका सम्मान आपके व्यक्तित्व के लिए करें और आपके माध्यम से उन्हें आपके देश का भी सम्मान करना चाहिए। यही सांस्कृतिक मूल्य हैं जिन्हें आपको आगे बढ़ाना चाहिए। हमेशा अपनी जड़ों को याद रखें, अपने देश लौटें और राष्ट्र के लिए योगदान दें।''
आईआईटी दिल्ली ने शनिवार को ओपन हाउस के 19वें संस्करण का आयोजन किया। यह संस्थान की एक प्रमुख पहल है, जिसमें स्कूली एवं कॉलेज के छात्रों, शिक्षाविदों, उद्योग जगत, वित्तपोषण एजेंसियों और अन्य हितधारकों को आमंत्रित किया जाता है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का 'जन महाभियोग', मॉक संसद में CEC पर लगाए गए 6 आरोप, खरगे बोले- खतरे में लोगों के अधिकार
ओपन हाउस 2026 में आगंतुकों को संस्थान में किए जा रहे शोध, नवाचार और तकनीकी विकास के व्यापक दायरे एवं उनके प्रभाव की झलक देखने को मिली। इस ओपन हाउस में 10 विषयगत क्षेत्रों के तहत 500 से अधिक तकनीकी प्रस्तुतियां शामिल थीं। इनमें कृत्रिम मेधा (एआई) एवं डेटा विज्ञान, क्वांटम प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, उन्नत सामग्री, प्रकाशिकी एवं फोटोनिक्स, जैव प्रौद्योगिकी, सतत विकास तथा रक्षा एवं अंतरिक्ष जैसे क्षेत्र शामिल थे।
कार्यक्रम में 100 से अधिक प्रोटोटाइप और नवोन्मेषी परियोजनाओं के प्रदर्शन, 225 से अधिक शोध पोस्टर, 80 से अधिक प्रयोगशाला प्रदर्शन और आईआईटी दिल्ली के स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों द्वारा 90 से अधिक तीन मिनट की वार्ताएं भी शामिल थीं। इन वार्ताओं में छात्रों ने अपने शोध कार्य प्रस्तुत किए।
