Akhilesh Yadav News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी समाजवादी पार्टी (SP) संविधान दिवस के मौके पर अपना घोषणापत्र जारी करेगी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को अपने इस घोषणापत्र के बारे में जानकारी दी। X पर अपने पोस्ट में अखिलेश ने कहा कि संविधान दिवस यानी 26 नवंबर 2026 के लोकतांत्रिक पावन अवसर पर सपा अपना ‘जन-मन का मैनीफेस्टो’ जारी करेगी। यूपी में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होंगे। राज्य में भारतीय जनता पार्टी और सपा के बीच मुख्य मुकाबला है।
यूपी चुनाव के लिए 26 नवंबर को अपना घोषणापत्र जारी करेगी सपा।
यूपी चुनाव में सपा-कांग्रेस के बीच होना है गठबंधन
सभी दल चुनाव की तैयारी में जुट गए हैं। राज्य में चुनाव से पगले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होना है लेकिन सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच खींचतान चल रही है। कांग्रेस ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है जिस पर सपा तैयार नहीं है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच बयानबाजी भी खूब हो रही है। सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपने प्रदर्शनों के जरिए कांग्रेस, सपा पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है लेकिन सीट बंटवारे पर अभी अखिलेश यादव और राहुल गांधी के बीच बातचीत नहीं हुई है।
सीएम योगी की हो रहीं लगातार रैलियां
वहीं, भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर सीएम योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में चुनावी मैदान में उतर चुकी है। प्रदेश भर में सीएम योगी की रैलियां हो रही हैं, वे अपनी सरकार की उपलब्धियों को गिनाने के साथ-साथ सपा पर हमले भी कर रहे हैं।
संविधान दिवस पर सपा का बड़ा राजनीतिक संदेश
सपा ने घोषणा पत्र जारी करने के लिए संविधान दिवस का दिन चुना है। ऐसे में घोषणा पत्र के जरिए सामाजिक न्याय, संविधान और PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा जा सकता है। अखिलेश यादव लंबे समय से PDA को पार्टी की राजनीतिक रणनीति का प्रमुख आधार बताते रहे हैं। 2027 के चुनाव को देखते हुए सपा की कोशिश इस सामाजिक समीकरण को और मजबूत करने की है।
हर जिले की आवाज को घोषणा पत्र में जगह देने की तैयारी
सपा पहले ही संकेत दे चुकी है कि घोषणा पत्र को प्रदेश के अलग अलग हिस्सों की स्थानीय जरूरतों और समस्याओं से जोड़ने की तैयारी है। पार्टी की कोशिश है कि प्रदेश के अलग अलग जिलों के मुद्दे भी घोषणा पत्र का हिस्सा बनें। इसमें रोजगार, किसानों से जुड़े मुद्दे, युवाओं की समस्याएं, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे प्रमुख हो सकते हैं।
2027 के लिए सपा की चुनावी पिच तैयार
2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी चुनावी जमीन तैयार करनी शुरू कर दी है। बीजेपी जहां सरकार के काम और योजनाओं के आधार पर चुनावी माहौल बनाने की तैयारी में है, वहीं सपा अपने PDA एजेंडे और सरकार के खिलाफ मुद्दों को धार देने में जुटी है। अखिलेश यादव का घोषणा पत्र को PDA का प्रणपत्र नाम देना इसी रणनीति का संकेत माना जा रहा है। अब निगाहें 26 नवंबर पर रहेंगी कि सपा अपने घोषणा पत्र में किन मुद्दों को सबसे ज्यादा तवज्जो देती है और जनता के सामने कौन से बड़े चुनावी वादे रखती है।
भाजपा ने कहा-श्वेतपत्र जारी करे सपा
सपा के इस घोषणापत्र पर भाजपा ने निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा है कि घोषणा पत्र जारी करने के बजाय सपा को श्वेत पत्र जारी करना चाहिए। उन्हें बताना चाहिए कि सपा के पिछले कार्यकाल में राज्य में कौन से काम हुए। भाजपा नेता ने सपा के शासन में दलितों और महिलाओं पर अत्याचार होने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव की सरपरस्ती में दंगाई और अपराधी फले-फूले।यूपी विधानसभा चुनाव 2022
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजे 10 मार्च को घोषित हुए थे। 403 सीटों वाली विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 255 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। समाजवादी पार्टी (SP) 111 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।
प्रमुख दलों की सीटों का ब्योरा:
भाजपा (BJP): 255 सीटेंसमाजवादी पार्टी (SP): 111 सीटें
अपना दल (सोनेलाल): 12 सीटें
राष्ट्रीय लोक दल (RLD): 8 सीटें
निषाद पार्टी: 6 सीटें
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP): 6 सीटें
कांग्रेस: 2 सीटें
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक: 2 सीटें
बहुजन समाज पार्टी (BSP): 1 सीट
भाजपा के सहयोगी दलों को मिलाकर NDA ने कुल 273 सीटें जीतीं, जबकि सपा के सहयोगी दलों सहित गठबंधन को 125 सीटें मिलीं। इन नतीजों में भाजपा की स्पष्ट बढ़त और सपा के मजबूत विपक्ष के रूप में उभरने की तस्वीर सामने आई।
