Sonia Gandhi's 'poor lady' remark : बजट सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोनिया गांधी से माफी की मांग की है। दरअसल, संसद परिसर में मीडिया की मौजूदगी में सोनिया ने राष्ट्रपति के संबोधन पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 'राष्ट्रपति अपने भाषण के अंत में थकी हुई लग रही थीं, वह मुश्किल से बोल पा रही थीं, बेचारी।' इस दौरान वहां लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद सोनिया गांधी भी थे। राहुल गांधी ने कहा कि 'भाषण, अरुचिकर था, वह बार-बार एक ही चीज बोल रही थीं।'
संसद परिसर में सोनिया गांधी।
राष्ट्रपति और आदिवासी समुदाय से माफी मांगे कांग्रेस-नड्डा
'बेचारी' वाले बयान पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस से बिना शर्त माफी मांगने के लिए कहा है। नड्डा ने कहा, 'माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी के लिए सोनिया गांधी ने जो 'बेचारी' शब्द का इस्तेमाल किया, उसका मैं और भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता निंदा करता है। जानबूझकर किया गया इस शब्द का इस्तेमाल कांग्रेस पार्टी के अभिजात्य, गरीब-विरोधी और आदिवासी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। हमारी मांग है कि कांग्रेस पार्टी देश के आदिवासी समुदाय और माननीय राष्ट्रपति से माफी मांगे।'
मुश्किल से बोल पा रही थीं, बेचारी-सोनिया
संसद परिसर में संवाददाताओं से सोनिया ने कहा, ‘अंत तक राष्ट्रपति बहुत थक गई थीं...वह मुश्किल से बोल पा रही थीं, बेचारी।’राष्ट्रपति मुर्मू ने बजट सत्र के पहले दिन संसद के दोनों सदनों को संबोधित किया और सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के इस तीसरे कार्यकाल में तीन गुना गति से काम हो रहा है। ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ और वक्फ (संशोधन) विधेयक जैसे कानूनों पर तेज गति से कदम आगे बढ़ाया गया है।
देश में केवल एक ही चीज 'बेचारी', राहुल गांधी-पात्रा
इस बयान के लिए सोनिया गांधी की आलोचना करते हुए भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा, 'यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि राष्ट्रपति के लिए कांग्रेस नेता ने ऐसा शब्द इस्तेमाल किया। राष्ट्रपति कभी बेचारी नहीं हो सकती हैं। वह सशक्त और सबल हैं। देश यदि कोई चीज बेचारी है तो वह राहुल गांधी हैं क्योंकि कांग्रेस बार-बार उन्हें लॉन्च करती हैं लेकिन वह लॉन्च नहीं हो पाते।'
