Shraddha Dubey: श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की गिरफ्तारी के बाद श्रद्धा के नागपुर कनेक्शन का खुलासा हुआ है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि Z गैंग ने नागपुर में श्रद्धा को संरक्षण देने का भरोसा था। सूत्रों के मुताबिक, Z गैंग ने नागपुर के पास एक फार्म हाउस में ठहराने के लिए बुलाया था। फॉर्म हाउस में शिफ्ट होने से पहले ही पुलिस ने लोकेशन ट्रैक कर ली। ज़ुल्फिकार को कथित Z गैंग का सरगना बताया जा रहा है।
श्रद्धा दुबे पर नया खुलासा
जुल्फिकार मोहसिन है सरगना
इस गैंग पर मुंबई के पश्चिमी लाख उपनगर में रंगदारी कारोबारी को धमकाने और हिंसा जैसी वारदातों में शामिल होने के आरोप है। जुलाई में एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की रंगदारी मामले में जुल्फिकार मोहसिन समेत 12 को गिरफ्तार किया गया था। अगस्त में इस मामले में मकोका लगाया गया। सूत्रों का दावा है कि गैंग के तार ड्रग्स और के स्मगलिंग से भी जुड़े हैं।
रेव और पेज-3 पार्टियों में ड्रग्स सप्लाई के आरोप इस गैंग पर है। सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क की गतिविधियों को लेकर अहम सबूत होने का दावा है। श्रद्धा और उसके गैंग के सदस्य कथित तौर पर FaceTime के जरिए संपर्क में रहते थे। श्रद्धा के पास से तीन आईफोन बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
11 दिन की फरारी के बाद गिरफ्तारी
घटना के 11 दिनों तक लगातार फरार रहने के बाद, यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने श्रद्धा दुबे को उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश के साथ महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार किया है। वारदात के बाद से ही आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि वे नेपाल बॉर्डर तक भी गए थे और इसके बाद लगातार पुलिस को चकमा देते हुए आगरा के रास्ते नागपुर छिपे हुए थे। गिरफ्तारी से ठीक पहले श्रद्धा लखनऊ आकर मीडिया के सामने भी आई थी।
9 अक्टूबर 2026 को लखनऊ के हजरतगंज स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतक के परिवार ने श्रद्धा दुबे पर हत्या, मारपीट और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया था, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
