शिव शर्मा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया है। श्रद्धा पर लखनऊ पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। उसके साथ उसकी बहन और ड्राइवर को भी पकड़ा गया है। तीनों काफी समय से फरार चल रहे थे। उत्तर प्रदेश पुलिस के मुताबिक, नागपुर पुलिस की मदद से मंगलवार शाम यह कार्रवाई की गई।
नागपुर में गिरफ्तार की गई शिव शर्मा हत्याकांड की आरोपी श्रद्धा दुबे।
उत्तर प्रदेश के एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि श्रद्धा दुबे को पकड़ने के लिए लखनऊ पुलिस लगातार प्रयास कर रही थी। मामले में एसटीएफ को भी लगाया गया था। लगातार ट्रैकिंग के बाद संयुक्त टीम ने नागपुर में आरोपियों को पकड़ लिया। अब श्रद्धा को नागपुर में अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जाएगा, जहां पुलिस उससे पूछताछ कर मामले की जांच आगे बढ़ाएगी।
बुर्का पहनकर घूमती थी, टैक्सी बदल-बदलकर करती थी सफर
एडीजी अमिताभ यश ने मामले में कई बड़े खुलासे भी किए। उन्होंने बताया कि फरारी के दौरान श्रद्धा दुबे ने पुलिस से बचने के लिए कई तरीके अपनाए। वह लगातार बुर्का पहनकर यात्रा करती थी, ताकि उसकी पहचान उजागर न हो। उसके साथ उसकी बहन और ड्राइवर भी रहते थे।तीनों अक्सर टैक्सियों का इस्तेमाल करते थे, लेकिन कुछ दूरी तय करने के बाद टैक्सी छोड़कर अन्य साधनों से आगे बढ़ जाते थे। इससे पुलिस के लिए उनकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो जाता था। वे किसी एक स्थान पर ज्यादा समय तक नहीं रुकते थे। पुलिस जब तक किसी जगह पहुंचती, तब तक तीनों वहां से निकल चुके होते थे।एडीजी ने बताया कि श्रद्धा ने मोबाइल का इस्तेमाल भी कम कर दिया था और दूसरे लोगों से संपर्क बेहद सीमित रखा था। वह ऐसे कम बजट वाले होटलों में ठहरती थी, जहां निगरानी कम होती है और पुलिस की मौजूदगी भी अपेक्षाकृत कम रहती है।
नेपाल जाने की सूचना भी मिली थी
अमिताभ यश ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि श्रद्धा दुबे नेपाल चली गई है,लेकिन बाद में उसके वापस लौटने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, संभव है कि नेपाल जाने की यह गतिविधि जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के उद्देश्य से की गई हो। हालांकि, इस संबंध में अंतिम स्थिति पूछताछ के बाद स्पष्ट होगी।
एडीजी ने कहा कि श्रद्धा के नागपुर पहुंचने के पीछे कोई खास वजह थी या नहीं,इसका पता भी पूछताछ के दौरान लगाया जाएगा। फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों को लखनऊ लाकर मामले से जुड़े तथ्यों की जांच करेगी।
शिव की मां बोलीं- विजयादशमी पर न्याय की दिशा में पहला कदम
वहीं, श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद मृतक शिव शर्मा की मां रंजना शर्मा ने भी प्रतिक्रिया दी है। गिरफ्तारी पर संतोष जताते हुए उन्होंने पुलिस, एसटीएफ, प्रशासन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और परिवार का साथ देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मैं पुलिस, एसटीएफ, प्रशासन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उन सभी लोगों का दिल से आभार व्यक्त करना चाहती हूं, जिन्होंने हमारा साथ दिया। आज विजयादशमी का दिन है और यह शिव को न्याय दिलाने की दिशा में पहला कदम है।”
रंजना शर्मा ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद अब मामला कानून की प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पीड़न से जुड़े कई अन्य वीडियो लोगों के पास मौजूद हैं। उन्हें पूरा विश्वास है कि मामले में न्याय मिलेगा।
अब पूछताछ से खुलेंगे कई सवाल
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे हत्याकांड से जुड़े तथ्यों, फरारी के दौरान मदद करने वालों और नागपुर पहुंचने के कारणों को लेकर पूछताछ करेगी। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि फरारी के दौरान तीनों किन-किन स्थानों पर रहे और उन्होंने पुलिस से बचने के लिए किन लोगों या साधनों की मदद ली।
9 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से जारी बयान के अनुसार, हजरतगंज थाने में 9 अक्टूबर 2026 को वादिनी रंजना शर्मा की लिखित शिकायत के आधार पर मुकदमा संख्या 216/2026 दर्ज किया गया था। यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत दर्ज किया गया, जो हत्या से संबंधित है।
