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नहीं रहे संसद में लगे 'सेंगोल' को बनाने वाले 99 वर्षीय ज्वेलर वुम्मिदी एथिराजुलु, PM मोदी ने जताया शोक

Sengol Maker Dies: संसद में स्थापित ऐतिहासिक सेंगोल को बनाने वाले 99 वर्षीय ज्वेलर वुम्मिदी एथिराजुलु का निधन हो गया है, PM मोदी ने गहरा शोक जताया है।

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'सेंगोल' को बनाने वाले 99 वर्षीय ज्वेलर वुम्मिदी एथिराजुलु का निधन (फाइल फोटो)

Sengol Maker Dies: भारत के प्रमुख जौहरी वुम्मिदी एथिराज का बुधवार को तमिलनाडु के चेन्नई में 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और पीएम मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संवेदनाएं प्रकट कीं।एथिराज वुम्मिदी परिवार के मुखिया थे। यह परिवार 125 साल पुरानी कंपनी 'वुमिदी बंगारू ज्वेलर्स' का मालिक है।

प्रधानमंत्री ने 'X' (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, 'थिरु वुम्मिदी एथिराजुलु जी के निधन से गहरा दुख हुआ है। तमिलनाडु के एक प्रतिष्ठित परिवार से आने वाले एथिराज जी को हमेशा उस ऐतिहासिक 'सेंगोल' को बनाने के उनके प्रयासों के लिए याद किया जाएगा, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू को भेंट किया गया था।'

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई वर्षों बाद, 2023 में, हमारी सरकार को ही नए संसद भवन में 'सेंगोल' को सम्मानजनक स्थान देने का सौभाग्य मिला।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'कई वर्षों बाद, 2023 में, हमारी सरकार को ही नए संसद भवन में 'सेंगोल' को सम्मानजनक स्थान देने का सौभाग्य मिला। उस दौरान, मुझे थिरु वुम्मिदी एथिराजुलु जी से मिलने और हमारे देश तथा संस्कृति के लिए उनके योगदान के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर मिला। उनका जीवन और उनकी कारीगरी, भारत की गौरवशाली परंपराओं और हमारी राष्ट्रीय यात्रा के बीच एक अद्भुत जुड़ाव को दर्शाती है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ओम शांति।'

'श्री वुमिडी एथिराज के निधन से गहरा दुख हुआ है...'

उपराष्ट्रपति ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, 'श्री वुमिडी एथिराज के निधन से गहरा दुख हुआ है। भारत की सभ्यतागत विरासत के पवित्र प्रतीक, ऐतिहासिक 'सेंगोल' को बनाने में उनके प्रयासों को हमेशा सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।' उन्होंने आगे कहा, 'भारत की आभूषण निर्माण की समृद्ध परंपरा को संजोने में उनका अमूल्य योगदान एक ऐसी विरासत है जो हमेशा बनी रहेगी। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।'

तब यही परिवार था जिसने सेंगोल बनाया था

थिरु वुम्मिदी एथिराजुलु चेन्नई के मशहूर वुम्मिदी बंगारू चेट्टी एंड संस (Vummidi Bangaru Jewellers) परिवार के सदस्य। 1947 में जब देश को आजादी मिली थी, तब यही परिवार था जिसने सेंगोल बनाया था। उस वक्त एथिराजुलु और उनके भाई वुम्मिदी सुधाकर ने मिलकर अपने पिता वुम्मिदी बंगारू चेट्टी की देखरेख में इस सेंगोल को बनाया था।

सेंगोल का इतिहास:-

  • सेंगोल शब्द तमिल के 'सेम्मई' से बना है जिसका मतलब है - धर्म, सत्य और न्याय
  • इसे चोल साम्राज्य में सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर पर दिया जाता था
  • C राजगोपालाचारी के कहने पर थिरुवदुथुराई अठीनम मठ ने इसे बनवाने की जिम्मेदारी ली थी
  • 5 फीट लंबा, चांदी पर सोने की पॉलिश वाला ये राजदंड, ऊपर नंदी बैल बना है जो न्याय का प्रतीक है
  • 14-15 अगस्त 1947 की रात लॉर्ड माउंटबेटन ने इसे पंडित नेहरू को सौंपा था, जो सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक बना
बाद में ये सेंगोल इलाहाबाद म्यूजियम में रखा रहा और PM मोदी ने 28 मई 2023 को नए संसद भवन में इसे लोकसभा स्पीकर की कुर्सी के पास स्थापित किया।
Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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