UP Assembly Session : उत्तर प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने खूब हंगामा किया। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेष रूप से समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा अपने बच्चों को अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में पढ़ाएगी और जब सरकार आम जनता के बच्चों को बेहतर सुविधाएं देने की बात करती है, तो ये लोग उर्दू थोपने की वकालत करने लगते हैं। सीएम ने कहा कि सपा के इस दोहरे चरित्र का पर्दाफाश करने की जरूरत है।
यूपी विधानसभा में सीएम योगी आदित्यनाथ।
'कठमुल्लापन’ की ओर देश को ले जाना चाहते हैं-सीएम
विधानसभा में सीएम ने कहा कि उत्तर भारत से यहां के लोग मॉरीशस, फिजी या दुनिया के जिस किसी भी हिस्से में गए संकट के समय उनका सहारा तुलसीदास रचित रामचरित मानस बना। आज जब उसे सम्मान मिल रहा है तो सपा उसका विरोध कर रही है। देश के हित में जो भी अच्छे कार्य होंगे समाजवादी पार्टी के लोग उसका विरोध करेंगे। अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाएंगे लेकिन दूसरों के बच्चों को सरकार यदि सम्मान देगी तो ये उन्हें उर्दू पढ़ाने के लिए कहेंगे। ये उन्हें मौलवी बनाना चाहते हैं, ‘कठमुल्लापन’ की ओर देश को ले जाना चाहते हैं। ये नहीं चल सकता।
12:30 बजे तक के लिए स्थगित हुई सदन की कार्यवाही
राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सपाइयों के हंगामे को देखते हुए विधानसभा की कार्यवाही 12:30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। बजट सत्र की शुरुआत होने से पहले सपा के सदस्यों ने प्रदर्शन की तैयारी कर रखी थी। वे बाहर से हंगामा करते आए और चौधरी चरण सिंह की मूर्ति के पास जाकर प्रदर्शन किया। सपा विधायक अतुल प्रधान अपने को बेड़ियों में जकड़ कर पहुंचे।
अमेरिका में हो रहा भारतीयों का अपमान-सपा
उन्होंने कहा कि अमेरिका जिस तरह से भारतीयों का अपमान कर रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में गगरी और तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया। गगरी में लिखा था कि यह नैतिकता का अस्थि कलश है। वहीं तख्तियों में विभिन्न नारे लिखकर भाजपा पर प्रदेश में भाईचारा मिटाने का आरोप लगाया।
राज्यपाल मृत श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि दें-संग्राम यादव
सपा विधायक संग्राम यादव ने इस मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत की और कहा कि विपक्ष की मांग है कि महाकुंभ में जिन श्रद्धालुओं की जान गई है, महामहिम राज्यपाल अपने भाषण से पहले उनके प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त करें। उनके प्रति विधानसभा में श्रद्धांजलि व्यक्त की जाए। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में यह परंपरा रही है कि दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी जाती है, लेकिन सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए नए-नए प्रयोग कर रही है।
