राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार (6 अगस्त) को देश भर के 100 से ज़्यादा शहरों के 'जेन Z' (Gen Z) छात्रों से बातचीत करेंगे। यह कार्यक्रम जंतर-मंतर पर हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों के कुछ दिनों बाद हो रहा है। युवाओं के नेतृत्व में हुए इन प्रदर्शनों के कारण धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
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एक प्रेस रिलीज के अनुसार, युवाओं और 75 साल के RSS प्रमुख भागवत के बीच बातचीत मुंबई में 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस' (IIMUN) की 15वीं सालगिरह के मौके पर होने वाले एक कार्यक्रम के दौरान होगी।
IIMUN की सालाना चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन समारोह में 2,000 से ज़्यादा हाई स्कूल के छात्रों के शामिल होने की उम्मीद है; यह कार्यक्रम नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर (NMACC) में होगा। 'जेन Z' (Gen Z) और 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) ऐसे डेमोग्राफिक ग्रुप हैं जिन्हें उनके जन्म के साल के आधार पर बांटा गया है -1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोग 'जेन Z' में आते हैं, और 2013 से 2025 के बीच पैदा हुए लोगों को 'जेन अल्फा' माना जाता है। हाल ही में हुए छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों में 'जेन Z' के युवाओं की बड़ी हिस्सेदारी थी।
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शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने हाल ही में 'जेन Z' (Gen Z) के साथ बातचीत करने वालों पर तंज कसा और छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि पुलिस की कार्रवाई और उसके बाद उनके खिलाफ शिकायतों के दौरान नेताओं ने 'हस्तक्षेप' क्यों नहीं किया।
आदित्य ठाकरे ने पूछा- 'तब आप कहां थे...?'
ठाकरे ने पूछा, 'अचानक वे सभी लोग जो 'जेन Z' और 'जेन अल्फा' (Gen Alpha) से बातचीत करना चाहते हैं, और कुछ लोग जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें 'संस्कृति' का पाठ पढ़ाने का जिम्मा लिया है, उन सभी से बस एक ही सवाल है... जब वे AK-47, जंग लगी कीलों वाली लाठियों, इलेक्ट्रिक शॉक गन, इलेक्ट्रिक बैरिकेड्स और आंसू गैस का सामना कर रहे थे, और जब 'कानून-व्यवस्था' के नाम पर महिलाओं के साथ बदसलूकी की जा रही थी, तब आप कहां थे?' उन्होंने आगे कहा,'जब उन्हें शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए जाते समय घर पर ही रोक दिया गया या गिरफ़्तार कर लिया गया, तब आप कहां थे? तब आपने दखल क्यों नहीं दिया?'
मोहन भागवत 15-19 साल के प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले 15 से 19 साल की उम्र के हैं। भागवत का संबोधन IIMUN के तहत प्रमुख 'एनुअल चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस' की शुरुआत करेगा, जो युवाओं के नेतृत्व वाले सबसे बड़े आयोजनों में से एक है। उद्घाटन समारोह 'दुनिया को एकजुट करने में युवाओं की भूमिका: भारतीय तरीका' (The Role of Youth in Uniting the World, the Indian Way) विषय पर केंद्रित होगा।कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने स्कूल और कॉलेज के स्टूडेंट पार्टिसिपेंट लोकल, नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर बहस और विचार-विमर्श करेंगे।
