Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को झारखंड में आयोजित ग्राम स्तरीय कार्यकर्ता बैठक को संबोधित किया। आरएसएस सरसंघचालक ने कहा कि प्रगति का कभी कोई अंत नही होता। जब हम अपने लक्ष्य तक पहुंचते हैं, तो हम देखते हैं कि अभी भी बहुत कुछ करना बाकी है। उन्होंने आगे कहा कि एक आदमी सुपरमैन बनना चाहता है, फिर एक देव और फिर भगवान। आंतरिक और बाह्य दोनों ही प्रकार के विकासों का कोई अंत नहीं है। यह एक सतत प्रक्रिया है। बहुत कुछ किया जा चुका है, लेकिन अभी भी बहुत कुछ बाकी है। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने आगे कहा कि लोगों को मानव जाति के कल्याण के लिए अथक प्रयास करना चाहिए, क्योंकि विकास और मानव महत्वकांक्षा का कोई अंत नहीं होता है।
इंसान सुपरमैन बनना चाहता है- मोहन भागवत
जयराम रमेश ने कसा तंज
बता दें कि कांग्रेस ने RSS चीफ के इस बयान पर प्रतिक्रिया दी और पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने उनके इस बयान को PM मोदी पर अग्नि मिसाइल वाला एक सांकेतिक हमला बता दिया है। जयराम रमेश ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि मुझे यक़ीन है कि स्वयंभू नॉन-बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री को इस ताज़ा अग्नि मिसाइल की ख़बर मिल गई होगी, जिसे नागपुर ने झारखंड से लोक कल्याण मार्ग को निशाना बनाकर दागा है।
इस दौरान मोहन भागवत ने आदिवासी समाज के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि जनजाति बथु विकास में पीछे तो जरूर हैं, परंतु शांतिप्रिय और प्रामाणिक हैं। इन पर आंख मूंद कर विश्वास कर सकते हैं। सरसंघचालक ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए हम जो काम करते हैं वह उन पर उपकार नहीं करते हैं। दूसरे के लिए सेवा कार्य करते हैं तो अपना भी विकास करते हैं। मोहन भागवत ने आगे कहा कि यहां 33 करोड़ देवी-देवता हैं। 3800 भाषा और बोली है। खान पान रीति रिवाज अलग है, स्वभाव अलग है। इसके बाद भी भारत के लोग एक हैं। यह विदेश में देखने को नहीं मिलता है।
