Delhi Protest: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचना से बाहर किए जाने को लेकर शनिवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में हालात ऐसे हो गए हैं कि विरोध प्रदर्शन करना अपराध बन गया है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि सुप्रीम कोर्ट नागरिकों के विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार की रक्षा सुनिश्चित करेगा।
राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने कहा कि देश में बेरोजगारी, आर्थिक परेशानियों और सार्वजनिक निवेश में कमी के कारण लोगों का सरकार से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार जितनी जल्दी सत्ता से हटेगी, देश के लिए उतना ही बेहतर होगा।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सिब्बल ने कहा, ''हम ऐसी स्थिति में हैं, जहां विरोध प्रदर्शन करना एक अपराध बन गया है। दूसरे शब्दों में कहें तो विरोध करने का अधिकार एक अपराध बन गया है, जबकि हमारे देश में यह एक मौलिक अधिकार है। लेकिन अब यह मौलिक अधिकार नहीं रह गया है।''
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने पर उठाए सवाल
जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचना से बाहर किए जाने के फैसले पर सवाल उठाते हुए सिब्बल ने कहा कि अब लोग रामलीला मैदान में प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन चल रहे दशहरा उत्सव की वजह से वहां प्रदर्शन करना नामुमकिन हो जाएगा।
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उन्होंने पूछा, ''जब मेरे पास प्रदर्शन के लिए एक जगह थी, तो मुझे रामलीला मैदान क्यों जाना चाहिए था, और उस जगह को रद्द ही क्यों किया गया''
सिब्बल ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर पहले हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा बाहरी लोगों की गतिविधियों के कारण भड़की थी। उन्होंने दावा किया कि पत्थरों से भरा एक ट्रक प्रदर्शन स्थल पर लाया गया था, लेकिन इसका कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
