'सेवानिवृत्ति अंत नहीं, बल्कि नयी भूमिकाओं की शुरुआत', बोले राज्यसभा सभापति सी पी राधाकृष्णन

राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान में हर दो साल में सदन के एक तिहाई सदस्यों की सेवानिवृत्ति का प्रावधान है, जिससे सदन की संरचना में आवधिक परिवर्तन होता है।

राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उच्च सदन के सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों को विदाई देते हुए बुधवार को कहा कि सेवानिवृत्ति को अंत नहीं, बल्कि नयी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की शुरुआत के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि उच्च सदन के कुछ सदस्य इस वर्ष अप्रैल से जुलाई तक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। सभापति ने कामना की कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्य इसी समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ राष्ट्र एवं जनता की सेवा करते रहें, जैसा उन्होंने सदन में किया है।इस अवधि के दौरान 20 राज्यों के कुल 59 सदस्य सेवानिवृत्त होंगे, जिनमें नौ महिलाएं शामिल हैं।

Rajya sabha MP Retirement

राज्यसभा सभापति सी पी राधाकृष्णन

राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान में हर दो साल में सदन के एक तिहाई सदस्यों की सेवानिवृत्ति का प्रावधान है, जिससे सदन की संरचना में आवधिक परिवर्तन होता है। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था उच्च सदन के कामकाज में निरंतरता सुनिश्चित करती है और साथ ही नए सदस्यों को सदन में शामिल होने और अपने अनुभव एवं अंतर्दृष्टि से सदन को समृद्ध करने का अवसर प्रदान करती है।

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