Uttarakhand Tunnel Rescue : उत्तराखंड की सुरंग में फंसे 41 श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर काम जारी है। सुरंग में लंबवत एवं क्षैतिज दोनों तरफ से ड्रिलिंग हो रही है। इस खुदाई पर राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार सुबह अपडेट दिया। धामी ने बताया कि श्रमिकों तक पहुंचने के लिए सभी इंजीनियर, एक्सपर्ट एवं अन्य कर्मी अपनी पूरी ताकत से काम में जुटे हैं। जैसे-जैसे टीम मजदूरों के नजदीक पहुंच रही है वैसे-वैसे सुरंग के बाहर हलचल भी बढ़ गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री रिटायर्ड जनरल वीके सिंह भी सिलक्यारा पहुंचे हैं। वह मैन्युअल ड्रिलिंग का जायजा लेने के लिए सुरंग के अंदर गए हैं।
परिजनों को तैयार रहने के लिए कहा गया
41 श्रमिकों के परिजनों एवं रिश्तेदारों को तैयार रहने एवं उनके कपड़े को तैयार रखने के लिए कहा गया है। सुरंग से श्रमिकों को निकाले जाने के बाद उन्हें चिन्यालीसौर अस्पताल ले जाया जाएगा।
सुरंग में दाखिल हुआ 52 मीटर पाइप
धामी ने बताया कि सुरंग में पाइप 52 मीटर दाखिल कराया जा चुका है। जिस तरह से काम हो रहा है, उसे देखकर लगता है कि जल्द ही सफलता मिलेगी। जैसे ही पाइप पूरी तरह से अंदर दाखिल हो जाएगा, श्रमिकों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सुरंग में फंसे सभी श्रमिकों की हालत अच्छी है। सीएम ने आगे कहा कि सुरंग में 52 मीटर तक पाइप डाला जा चुका है। उम्मीद है कि करीब 57 मीटर इसके पहुंचने पर हमें सफलता मिलेगी। मेरे सामने ही पाइप का एक मीटर हिस्सा आगे बढ़ाया गया।
पीएम के प्रमुख सचिव ने बचाव कार्य का जायजा लिया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रमुख सचिव डॉ पीके मिश्र ने सोमवार को सिलक्यारा पहुंचकर पिछले दो सप्ताह से फंसे श्रमिकों को बाहर निकालने के लिए चलाए जा रहे बचाव कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सुरंग के अंदर चल रहे बचाव कार्य की बारीकियों को समझा और अधिकारियों के साथ ही इस काम में जुटे इंजीनियर और श्रमिकों से बात करके उनका हौसला बढ़ाया।
