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'राम-राम तो कालनेमि भी चिल्लाता था, आपको बजरंगबली की तरह पहचानना होगा...' दशहरे पर बोले CM योगी

दशहरे पर CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान सामने आया है, उन्होंने कहा कि 'राम-राम कालनेमि भी चिल्लाता था, आपको बजरंगबली की तरह पहचानना होगा', कहा-जो भारत को कमजोर करना चाहते हैं वो अयोध्या का दीपोत्सव कैसे देख सकते हैं।

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दशहरे पर CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान सामने आया

दशहरे पर CM योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान सामने आया है, उन्होंने कहा-जो लोग भारत को कमजोर करना चाहते हैं,वो कैसे देख सकते हैं,इन कार्यों को।अयोध्या में भव्य दीपोत्सव हो,भव्य मंदिर का निर्माण हो जाय वो कैसे स्वीकार कर सकते हैं! इसके लिए उन्होंने दुष्प्रचार,भ्रम पैदा करने का माध्यम बनाया,उनके लोग यही लगातार करते हैं अयोध्या को अपमानित करने का,ये वो कर रहे हैं जिन्होंने अभी तक अयोध्या में रामलला के दर्शन ही नहीं किये,जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलाई, अत्याचार की पराकाष्ठा की आज वो भी राम-राम चिल्ला रहे हैं,राम राम कालनेमि भी चिल्लाता था,याद रखना,आपको बजरंगबली की तरह पहचानने की सामर्थ्य होनी चाहिए, कौन सही है,कौन गलत!

'भगवान राम की पावन नगरी आज भी बनी हुई है'

योगी ने कहा कि 'हजारों वर्षों की धरोहर हम सबके सामने भगवान राम की मर्यादा उनके वचन कर्म का परिणाम विजयादशमी का पर्व सम्पूर्ण भारत को जोड़ता है। हजारों वर्ष पहले श्री अयोध्या धाम में दशरथ नंदन के पुत्र के रूप में श्रीहरि विष्णु ने जन्म लेकर अत्याचार अन्याय के खिलाफ शंखनाद की घोषणा की थी। हजारों वर्ष बाद भी प्रभु श्रीराम के वचन कर्म को समन्वय के साथ हर युग मे प्रासंगकिता को बना रहा।दुनिया के अंदर अन्यायी अत्याचारियो ने अनेक सभ्यता संस्कृति को नष्ट किया,उपासना विधि को ध्वस्त किया होगा,लेकिन वह नष्ट हो गए,इतिहास में वो नाम मात्र रह गए। लेकिन भगवान राम की पावन नगरी आज भी बनी हुई है।'

'जो समाज जो तोड़ने बांटने वाले लोग हैं वो उसी निशाचर रावण से प्रेरित'

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- 'आज पूरे देश मे विजयादशमी का उत्साह है,रामलीलाएं होती हैं,कोई राम बनता है कोई दशरथ कोई रावण,कोई लक्ष्मण,कोई हनुमान बनता है,कोई नल कोई नील,कोई निषादराज कोई जटायु, समता और सामाजिक समरसता का उदाहरण प्रस्तुत करती हैं हमारी रामलीलाएं! जो समाज जो तोड़ने बांटने वाले लोग हैं वो उसी निशाचर रावण से प्रेरित हैं,क्योंकि रावण भी एकता को खंडित करता था,जाति, क्षेत्र,भाषा के नाम पर जो राष्ट्र को कमजोर करना चाहते है, उनके अंदर रावण की ही आत्मा आ गई है,क्योंकि भारत कमजोर होता है,तब कोई राममंदिर,रामजन्मभूमि, कृष्ण जन्मभूमि काशी विश्वनाथ कमजोर होता है,अपमानित होता है,तब नारी गरिमा कमजोर होती है,उनकी बोलियां, और बाजार लगता है!'

'जब तक सनातन सुरक्षित नहीं है, कोई सुरक्षित नहीं है'

उन्होंने कहा कि 'याद रखना होगा,देश है, तो धर्म भी है, धर्म है, तो हम सब भी हैं...कोई व्यक्ति, कोई समाज, कोई जाति, कोई समाज तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक भारत सुरक्षित नहीं है। जब तक सनातन सुरक्षित नहीं है, कोई सुरक्षित नहीं है। कोई सुरक्षित नहीं है अगर किसी को गलतफहमी होगी, दुनिया के अंदर आप देख सकते हैं।दुनिया के अंदर मुसलमान-मुसलमान आपस में लड़ रहे हैं,आपस में ही लड़ रहे हैं, शिया और सुन्नी के बीच विवाद हो गया है।कम्युनिस्ट-कम्युनिस्ट लड़ रहे हैं, क्रिश्चियन-क्रिश्चियन लड़ रहे हैं और जहाँ आपस में नहीं लड़ रहे हैं, वहाँ पर, वहाँ पर इस्लाम की लड़ाई ईसाइयत से है। कम्युनिज्म की लड़ाई क्रिश्चियनिटी के खिलाफ है और कम्युनिस्ट-कम्युनिस्ट वहाँ पर हर एक के खिलाफ भी लड़ रहा है, आपस में ही द्वंद्व चल रहा है। अकेले भारत है, जो मजबूती के साथ सनातन की साया में हर जाति, हर संप्रदाय, हर मत, हर मजहब को सुरक्षा भी दे रहा है, उसको समृद्धि के पथ पर भी बिना भेदभाव के अग्रसर कर रहा है और यही तो है भारत की ऋषि की परंपरा सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया।

मुख्यमंत्री योगी ने गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की

विजयादशमी के पर्व पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की।विशेष पारंपरिक परिधान में योगी ने गोरक्षपीठ की परंपरा का अनुसरण करते हुए मंगलवार सुबह विधि-विधान से महायोगी गोरखनाथ की पूजा-अर्चना कर विश्व कल्याण की कामना की। गोरक्षपीठ में विजयादशमी का विशिष्ट अनुष्ठान दो घंटे से अधिक समय तक चला।इस संबंध में जारी एक विज्ञप्ति के मुताबिक, विशिष्ट पूजन की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में शक्तिपीठ से हुई, जहां शारदीय नवरात्र प्रतिपदा से ही विशिष्ट अनुष्ठान हो रहे थे।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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