Minakshi Natrajan : मध्य प्रदेश से बड़ी खबर है। यहां से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नटराजन पर आपराधिक जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था और उनके नामंकन फॉर्म पर आपत्ति जताई थी। हालांकि, नटराजन का नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। नटराजन को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता हैं मीनाक्षी नटराजन।
नामांकन रद्द होने के बाद कर्नाटक जाने को तैयार बैठे कांग्रेस के विधायक पर अब एयरपोर्ट से लौटने लगे हैं। रिटर्निंग ऑफिसर ने कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया। बताया जा रहा है कि विधायक बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ईश्वर न्याय करता है।
लंबित मामले का जिक्र नहीं किया-भाजपा
नामांकन पत्रों की जांच के दौरान भाजपा ने आरोप लगाया था कि मीनाक्षी नटराजन ने अपने शपथ पत्र में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई। पार्टी का दावा था कि तेलंगाना की एक अदालत में लंबित मामले का उल्लेख नामांकन दस्तावेजों में नहीं किया गया, जबकि चुनावी प्रक्रिया में ऐसी जानकारी देना आवश्यक होता है। बताया यह भी गया कि कांग्रेस नेता जीतू पटवारी जब विधानसभा पहुंचे तो वहां धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नटराजन पर कोई केस नहीं है। भाजपा इसे सियासी रंग दे रही है।
18 जून को मतदान होना है
मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी ने ’पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी (रिटर्निंग अधिकारी) के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि नटराजन ने जानबूझकर अपने खिलाफ तेलंगाना में दर्ज एक मुकदमे का शपथ पत्र में कोई उल्लेख नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर दोनों पक्षों की दलीले सुनने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया। मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीट के लिए 18 जून को मतदान होना है।
यह न्याय की जीत-विजयवर्गीय
भाजपा प्रत्याशी महेश केवट के अधिवक्ता संकेत गुप्ता ने विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि तेलंगाना की एक अदालत में नटराजन के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है और शपथपत्र में इसका उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के मुताबिक शपथपत्र में सभी आपराधिक मामलों का उल्लेख किया जाना जरूरी है लेकिन नटराजन ने जानबूझकर इसे छुपाया। गुप्ता ने कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने इसी आधार पर नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया है। राज्य सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इसे न्याय की जीत बताया और कहा कि भाजपा ने संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।
