Rahul Gandhi Manusmriti Row: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के 'मनुस्मृति की मानसिकता' वाले बयान पर सियासत गरमाती जा रही है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, “राहुल गांधी जी, आप फिरोज गांधी जी के पोते हैं, यानी उनके वंशज हैं। भारतीय संविधान और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आप पारसी धर्म से संबंध रखते हैं; आप अल्पसंख्यक हैं। पारसी धर्म आपका कर्म है। आपको सनातन धर्म, यानी हिंदू धर्म, कुरान, यानी मुस्लिम धर्म और बाइबिल, यानी ईसाई धर्म और उनके धार्मिक ग्रंथों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।”
राहुल गांधी के मनुस्मृति वाले बयान पर निशिकांत दुबे ने साधा निशाना। PTI
राहुल गांधी के धार्मिक बयानों पर सवाल
इस बयान के जरिए राहुल गांधी की धार्मिक पहचान को उनके राजनीतिक बयानों से जोड़ते हुए सवाल उठाया गया है। बयान में दावा किया गया है कि अलग-अलग धर्मों और उनके धार्मिक ग्रंथों पर टिप्पणी करने का राहुल गांधी के पास कोई अधिकार या प्राधिकार नहीं है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की धार्मिक पहचान और किसी धर्म या धार्मिक ग्रंथ पर टिप्पणी करने की राजनीतिक अथवा सार्वजनिक स्वतंत्रता दो अलग-अलग विषय हैं। किसी व्यक्ति के धर्म के आधार पर उसके सार्वजनिक बयान देने के अधिकार को स्वतः सीमित नहीं किया जा सकता।
सीएम योगी ने भी साधा निशाना
वहीं, राहुल गांधी के बयान पर सीएम योगी ने भी टिप्पणी की। सीएम योगी ने कहा कि राहुल गांधी देश की बेटियों को भड़काने और युवाओं को भ्रमित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय परंपरा में मनुस्मृति की अच्छाइयों और काल गणना में उसके योगदान को नकारा नहीं जा सकता। योगी ने राहुल गांधी को एक गैर-जिम्मेदार नेता बताते हुए विरासत का सम्मान करने की सलाह दी।
उन्होंने मनु की प्रहर और काल गणना का उल्लेख करते हुए कहा कि आज जो काल गणना हमें मिली है, वह मनु की देन है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह काल गणना राहुल गांधी के परिवार, उनकी दादी, दादा, नाना, पिता या परनाना ने नहीं दी है। सीएम योगी ने कहा कि आप मनुस्मृति को मानें या न मानें, यह आप पर निर्भर है, लेकिन अगर आप उसकी बुराइयां बता रहे हैं तो उसकी अच्छाइयां भी सामने रखिए।
'छात्रों की गूंज' में राहुल गांधी ने क्या कहा था?
दरअसल, राहुल गांधी ने पुणे में हुए 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में कहा कि मनुस्मृति में लिखा गया है कि महिलाएं किसी की संपत्ति नहीं हैं और वे सिर्फ खुद की हैं। उन्होंने युवतियों से सामाजिक बंधनों को तोड़कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। जेनजी की बड़ी संख्या में मौजूद छात्राओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि उनका यह कार्यक्रम राजनीति पर नहीं, बल्कि युवाओं के विचारों, शिक्षा व्यवस्था में भेदभाव और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद के लिए है।
