पंजाब में नशा बेचने के विरोध करने पर एक और शख्स पर जानलेवा हमला किया गया। मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद श्रीहरगोबिंदपुर के गांव माड़ी पन्नवां में नशा बेचने का विरोध करने पर कुछ लोगों ने तेजधार हथियारों से तीन लोगों पर जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी हमले में 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं उनके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
इन घटनाओं पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, "पंजाब आज नशे, गैंगस्टरवाद व संगठित अपराध के बढ़ते खतरे से जूझ रहा है। भगवंत मान सरकार के सामने सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर पंजाब की जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन निभाएगा?"
उन्होंने लिखा,"दिरबा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परविंदर के पिता ने आप सरकार और उनके विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। गृह मंत्रालय भी इन दोनों घटनाओं पर पंजाब सरकार से जवाब मांगेगा।"
मान जी जनता को प्रचार नहीं, निष्पक्ष जांच चाहिए: अमित शाह
अमित शाह ने लिखा कि पंजाब में नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, संगठित अपराध का खतरा बढ़ रहा है और नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। भगवंत मान जी, पंजाब की जनता को प्रचार नहीं, जवाब, घोषणाएं नहीं, परिणाम, नशे के नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार और अपराधियों को मिलने वाले किसी भी राजनीतिक संरक्षण की निष्पक्ष जांच चाहिए।
उन्होंने आगे लिखा,"मैं आज पंजाब की जनता के सामने अपना संकल्प दोहराता हूं कि पंजाब में हमारी सरकार बनने पर हम नशामुक्त, गैंगस्टरमुक्त और सुरक्षित पंजाब बनाने के लिए पूरी ताकत से काम करेंगे। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। नशे के कारोबार पर प्रहार, युवाओं के भविष्य की रक्षा, अपराधियों पर कठोर कार्रवाई और कानून का ऐसा राज, जिसमें कोई भी नागरिक भय के साये में जीने को मजबूर न हो।"
बेटियों और बहनों का रास्ते से गुजरना मुश्किल
घायल अवस्था में अस्पताल में इलाज करा रहे गुरमुख सिंह ने दर्द बयान करते हुए बताया कि आरोपी युवक रोजाना उनकी गली में खड़े रहते थे, जिसके कारण क्षेत्र की बेटियों और बहनों का उस रास्ते से गुजरना तक दूभर हो गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ये युवक खुलेआम नशा बेचते हैं। जब बुधवार को उन्हें गली में नशा बेचने से रोका गया, तो गुस्से में आए उन युवकों ने बिक्रमजीत सिंह, निशान सिंह और उन पर तेजधार हथियारों से अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। हमले में तीनों बुरी तरह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।
