Atal Bihari Vajpayee : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर पूरा देश आज उन्हें याद कर रहा है। वाजपेयी की जयंती के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू, उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कैबिनेट के मंत्री सोमवार सुबह 'सदैव अटल' समाधि स्थल पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री पुष्पांजलि अर्पिक कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
वाजपेयी जी का प्रेरणास्रोत बना रहेगा-पीएम
'एक्स' पर एक पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री आदरणीय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी जयंती पर देश के सभी परिवारजनों की ओर से मेरा कोटि-कोटि नमन। वह जीवनपर्यंत राष्ट्र निर्माण को गति देने में जुटे रहे। मां भारती के लिए उनका समर्पण और सेवा भाव अमृतकाल में भी प्रेरणास्रोत बना रहेगा।'
तीन बार देश के पीएम बने वाजपेयी
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 1924 में आज ही के दिन जन्म हुआ था। वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संस्थापकों में एक थे। वह तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने। उनका पहला कार्यकाल 1996 में मात्र 13 दिनों का था। इसके बाद, वह 1998 में फिर प्रधानमंत्री बनें और 13 महीने तक इस पद को संभाला। वर्ष 1999 में वह तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बने। वह पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता बने जिन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया। उनका 16 अगस्त 2018 को निधन हो गया था।
राजनीति के 'आजातशत्रु' थे अटल जी
वाजपेयी जैसा व्यक्तित्व विरले ही पैदा होता है। उन्हें राजनीति का 'आजातशत्रु' कहा जाता है यानी कि उन्हें सभी पसंद करते थे। विपक्षी नेता उनकी प्रशंसा करते हैं। राजनीति में उन्होंने जो आर्दश उपस्थित किए, आज उनका अभाव देखा जा रहा है। सत्ता के लिए उन्होंने कभी अपने मूल्यों से समझौता नहीं किया। वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्रनीति की बातें करते थे। भारतीय जनता पार्टी को आगे बढ़ाने में वाजपेयी का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने एक बार कहा था कि एक समय आएगा जब भाजपा देश के हर राज्य में बढ़ेगी, वह बात अब साबित हो गई है।
