सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के सत्ता परिवर्तन की मांग से जुड़े बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। गुरुवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में भूषण ने मौजूदा सरकार में बदलाव की वकालत की। उनके इस बयान के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस और सीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोध की आड़ में देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
इस मुद्दे पर बीजेपी के कई वरिष्ठ नेताओं ने विपक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इस बयान को लेकर विपक्ष पर सवाल उठाए। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया और बांग्लादेश के घटनाक्रम को लेकर सवाल खड़े किए।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब दो अक्टूबर से विपक्षी दल और कॉकरोच जनता पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे तथा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
BJP ने कहा- भारत को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे
बीजेपी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “भारत को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे।” पार्टी ने अपने संदेश में कहा कि भारत की एकता को तोड़कर ‘रिजीम चेंज’ का सपना देखने वालों की अराजकता फैलाने की हर साजिश नाकाम होगी। बीजेपी ने आगे कहा कि देश को अस्थिर करने और सत्ता की लालसा पूरी करने का सपना देखने वाली ताकतों को युवाओं की ओर से स्पष्ट संदेश मिल चुका है।
