PM Modi Meeting With Rajnath Singh: पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार सख्त कदम उठा रही है और शीर्ष स्तर पर मंथन का दौर जारी है। पहलगाम में 26 लोगों की हत्या के बाद सरकार पाकिस्तान पर लगातार दबाव बढ़ा रही है और सख्त कार्रवाई की मंशा भी जाहिर कर चुकी है। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक प्रधानमंत्री आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई। प्रधानमंत्री मोदी और रक्षामंत्री के बीच यह बैठक करीब 40 मिनट तक चली।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर चर्चा
पीएम मोदी के पास जाने से पहले रक्षामंत्री ने सोमवार को ही आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी से रक्षा मंत्रालय में मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इस मुलाकात के दौरान राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख से सेना की तैयारी, पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद उठाए गए कदम और सीमाओं की स्थिति की जानकारी ली। वहीं सोमवार को भारत और फ्रांस के बीच नौसेना के लिए 26 राफेल मरीन विमानों का सौदा भी होना है। इस डील से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है।
रक्षा मंत्री और जनरल अनिल चौहान की भी मुलाकात
रक्षा मंत्री और जनरल अनिल चौहान की यह मुलाकात भी करीब 40 मिनट तक चली। माना जा रहा है कि इस दौरान आतंकवाद के खात्मे को लेकर जनरल अनिल चौहान ने रक्षा मंत्री को सैन्य रणनीति और तैयारियों से अवगत कराया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान की यह मुलाकात दिल्ली में रक्षा मंत्री के आवास पर हुई थी। माना जा रहा है कि रक्षा मंत्री के आवास पर पहुंचे चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने भारतीय सैन्य बलों की तैयारियों पर रक्षा मंत्री को जानकारी दी थी। रक्षा तैयारियों को लेकर रविवार को दिल्ली में बीएसएफ के अधिकारी भी मौजूद रहे। रविवार को सीमा सुरक्षा बल के डायरेक्टर जनरल दलजीत सिंह चौधरी गृह मंत्रालय गए थे।
पहलगाम हमले के मद्देनजर अहम बैठक
यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है जब भारत 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के अपने विकल्पों पर विचार कर रहा है। भारत ने इस हमले में शामिल लोगों को कड़ी सजा देने का वादा किया है। रविवार को प्रधानमंत्री ने कहा था कि पहलगाम हमले के अपराधियों और साजिशकर्ताओं को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। मोदी ने अपने 'मन की बात' संबोधन में कहा, आतंकवाद के खिलाफ हमारी लड़ाई में पूरी दुनिया 140 करोड़ भारतीयों के साथ खड़ी है। मैं एक बार फिर प्रभावित परिवारों को आश्वस्त करता हूं कि उन्हें न्याय मिलेगा और न्याय होगा। इस हमले के अपराधियों और षड्यंत्रकारियों को कठोरतम जवाब दिया जाएगा।
पहलगाम में 26 लोगों की हत्या
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी। इनमें से 25 लोग पर्यटक थे और इन्हें धर्म पूछकर गोली मारी गई। यह 2019 में पुलवामा हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला था। प्रतिबंधित पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादी समूह के एक छाया संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट ने हमले की जिम्मेदारी ली। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा जारी किए गए स्केच के अनुसार माना जा रहा है कि हमले में तीन लोग शामिल हैं - जिनकी पहचान पाकिस्तानी के रूप में की गई है।
मोदी सरकार ने लिए कड़े फैसले
इस बड़ी आतंकी घटना के बाद मोदी सरकार ने पांच बड़े फैसले लेते हुए सख्त कार्रवाई का संकेत दिया। इनमें सिंधु जल संधि स्थगित करने का फैसला सबसे बड़ा फैसला रहा। इसे लेकर पाकिस्तान ने युद्ध की धमकी भी दे डाली। लेकिन भारत ने विचलित हुए बिना लगातार सख्ती भरे फैसले लिए हैं। कश्मीर में करीब 7 आतंकियों के घर पूरी तरह ध्वस्त कर दिए गए हैं। आतंकियों के सहयोगियों पर कार्रवाई हुई है। वहीं, घटना की जांच एनआईए को सौंपी गई है और कश्मीर में 63 जगहों पर ताबड़तोड़ छापे मारे गए हैं।
