अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान सरकार (Taliban Govt) ने शनिवार को महिलाओं के घरेलू और विदेशी एनजीओ में काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया। साथ ही सभी गैर-सरकारी संगठनों (NGO) को महिला कर्मचारियों की भर्ती नहीं करने का आदेश दिया।
यह आदेश वित्त मंत्री कारी दीन मोहम्मद हनीफ के एक पत्र में आया है। इस पत्र में कहा गया है कि अगर कोई एनजीओ आदेश का पालन नहीं करता है, तो अफगानिस्तान में उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल रहमान हबीब ने इस आदेश की पुष्टि की है।
मंत्रालय ने कहा कि उसे एनजीओ के लिए काम करने वाली महिला कर्मचारियों के बारे में गंभीर शिकायतें मिली हैं, जो सही तरह से हिजाब नहीं पहनती हैं। हालांकि, तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि यह आदेश एनजीओ में काम करने वाली अफगान महिलाओं पर ही लागू होगा या सभी महिलाएं इसके दायरे में आएंगी।
गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की ओर से महिलाओं के विश्वविद्यालय जाने पर रोक लगाने के मंगलवार के फैसले की कई देशों ने निंदा की है। तब से अफगान महिलाओं ने प्रतिबंध के खिलाफ प्रमुख शहरों में प्रदर्शन किया है।
अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता हाथ में लेने के बाद तालिबान ने महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कुचले का काम किया है। तालिबान, अफगानिस्तान में लगातार इस्लामिक कानून को लागू कर रहा है। इसे लेकर उसकी दुनिया भर में आलोचना भी हो रही है, देश के अंदर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, फिर भी तालिबान मानने को तैयार नहीं दिख रहा है।
भाषा से इनपुट के साथ
