Priyank Kharge: कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने राज्य की विधान परिषद में दिए एक लिखित जवाब में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ सांप्रदायिक दंगों या अन्य किसी अपराध का कोई भी मामला दर्ज नहीं है। यह सवाल विधान परिषद में विपक्ष के नेता चलावडी नारायणस्वामी ने पूछा था। उन्होंने आरएसएस के खिलाफ दर्ज मामलों, सांप्रदायिक दंगों में उसकी संलिप्तता और उसके पथ संचलन या दैनिक शाखाओं के दौरान किसी अप्रिय घटना का विवरण मांगा था। इसके जवाब में गृह मंत्री खरगे ने लिखित उत्तर दिया, कोई भी मामला दर्ज नहीं है।
प्रियांक खरगे ने कहा- आरएसएस के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है
बीजेपी का तीखा हमला
आरएसएस के मुखर आलोचक रहे प्रियांक खरगे के इस आधिकारिक जवाब को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। चलावडी नारायणस्वामी (नेता प्रतिपक्ष) ने X पर खरगे का लिखित जवाब शेयर करते हुए लिखा, "दस्तावेज खुद सच बोलते हैं। गृह मंत्री का आरएसएस के खिलाफ राजनीतिक द्वेष उजागर हो चुका है।" उन्होंने सवाल उठाया कि जब उनके अपने विभाग के पास कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, तो वे राज्य की कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय देशप्रेमी संगठन के खिलाफ नफरत की राजनीति क्यों कर रहे हैं?
पूर्व मंत्री व बीजेपी विधायक सुनील कुमार ने कहा कि इससे पहले दिसंबर 2025 में तत्कालीन गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने भी विधानसभा में ऐसा ही जवाब दिया था। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा, "गोएबल्स कांग्रेस के नेता चाहे जितने झूठ बोल लें, वे आरएसएस के मूल्यों और संस्कृति को नहीं मिटा सकते।" बीजेपी के आधिकारिक 'X' हैंडल से पोस्ट किया गया, "एक देशभक्त संगठन से इतनी नफरत की कल्पना कीजिए कि आपके अपने ही मंत्रालय द्वारा आपकी पोल खोल दी जाए, और सबसे बड़ी बात यह कि इस पर गृह मंत्री के खुद के हस्ताक्षर हैं!"
प्रियांक खरगे का पलटवार
बीजेपी के हमलों का जवाब देते हुए गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने स्पष्ट किया कि कानूनी रूप से पंजीकृत न होने के कारण संघ के नाम पर कोई केस दर्ज नहीं होता। खरगे ने कहा, आरएसएस कोई पंजीकृत संस्था नहीं है। इसके पास औपचारिक सदस्यता कार्ड भी नहीं होते। जब इससे जुड़े व्यक्ति अपराध करते हैं, तो मामले उन व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज होते हैं, न कि संस्था के नाम पर। उन्होंने कहा कि आरएसएस के पास बिना स्वामित्व के संपत्तियां हैं, बिना औपचारिक सदस्यता के सदस्य हैं और बिना जवाबदेही के शक्ति है। खरगे ने दोहराया, इसीलिए मैं मांग कर रहा हूं कि आरएसएस खुद को पंजीकृत कराए, पारदर्शी कानूनी दायरे में आए और अपने खातों, संपत्तियों, फंडिंग व देनदारियों का खुलासा करे।
