Uttarkashi Tunnel Crisis: टनल में फंसे 40 श्रमिकों को निकालेगा 'बाहुबली', 25 टन वजनी ऑगर मशीन ने शुरू की ड्रिलिंग

  • Written by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 16, 2023, 11:10 AM IST

Auger Drill Machine : ऑगर मशीन एक घुमावदार आकार का एक उपकरण है जिसका इस्तेमाल जमीन एवं कठोर सतह एवं धातुओं की खुदाई (ड्रिलिंग) में किया जाता है। इसके ब्लेड इतने मजबूत एवं धारदार एवं सख्त होते हैं कि ड्रिलिंग के दौरान कठोर से कठोर मलबे, संरचना एवं तत्व को आसानी से भेद देते हैं।

Auger Drill Machine : उत्तरकाशी के सिलक्यारा सुरंग में फंसे 40 श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए दिल्ली से भारी ऑगर मशीन वहां पहुंचा दी गई हैं। ये ऑगर मशीन मलबे में खुदाई करेगी। इस ऑगर मशीन का वजन करीब 25 टन है। यह मशीन एक घंटे में चार-पांच मीटर तक मलबे को भेद सकती है। सिलक्यारा सुरंग के एक हिस्से में बीते 80 घंटों से मजदूर फंसे हुए हैं। सुरंग में मंगलवार रात हुए ताजा भूस्खलन की वजह से ड्रिलिंग को रोकना पड़ा था। इसके बाद ड्रिलिंग के लिए स्थापित की गई ऑगर मशीन भी खराब हो गई थी जिससे बचाव कार्य में बाधा आई। बचाव कार्य तेज चलाने के लिए ऑगर ड्रिलिंग मशीन को दो हिस्सों में दिल्ली से भारतीय वायुसेना के हरक्यूलिस विमानों से चिन्यालीसौड़ हवाईअडडे पहुंचा दिया गया।

Drilling Machine

उत्तरकाशी टनल संकट।

क्या होती है ऑगर मशीन?

ऑगर मशीन एक घुमावदार आकार का एक उपकरण है जिसका इस्तेमाल जमीन एवं कठोर सतह एवं धातुओं की खुदाई (ड्रिलिंग) में किया जाता है। इसके ब्लेड इतने मजबूत एवं धारदार एवं सख्त होते हैं कि ड्रिलिंग के दौरान कठोर से कठोर मलबे, संरचना एवं तत्व को आसानी से भेद देते हैं। जमीन, मलबे, पत्थर, लड़की और दीवार में ड्रिलिंग करने के लिए अलग-अलग ऊंचाई एवं आकार की ऑगर मशीनें होती हैं। जरूरत के हिसाब से बाजार में 4 इंच, छह इंच, आठ इंच, 12 इंच और 18 इंच की डॉयमीटर वाली ऑगर मशीनें उपलब्ध हैं। बर्फ में छेद करने के लिए आइस ऑगर, जमीन में ड्रिल करने के लिए अर्थ ऑगर का इस्तेमाल होता है। इनके अलावा हैंड ऑगर और गार्डेन ऑगर भी मिलते हैं।

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