विदेश मंत्रालय ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा,मालदीव के साथ करेंसी स्वैप,अमेरिका में भारतीय समुदाय की सुरक्षा और पश्चिम एशिया की स्थिति समेत कई अहम मुद्दों पर भी जानकारी दी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल।
अमेरिका में भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर चिंता
अमेरिका के इलिनॉय राज्य के ऑरोरा में गोलीबारी की घटना के प्रयास पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने गहरी चिंता जताई। जायसवाल ने कहा कि यह घटना अमेरिका में भारतीय समुदाय के खिलाफ बढ़ते हेट क्राइम और नस्लीय भेदभाव के मामलों को भी उजागर करती है। उन्होंने कहा कि भारत ने घटना के बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से की गई कार्रवाई पर ध्यान दिया है। साथ ही, अमेरिका से वहां रह रहे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लोगों की सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने का आह्वान किया।भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत जारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर कहा कि दोनों पक्ष इसे जल्द पूरा करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वाणिज्य मंत्री पिछले कुछ दिनों में इस विषय पर अपनी बात रख चुके हैं। जायसवाल ने बताया कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित उच्चस्तरीय बैठकों में व्यापार, ऊर्जा, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों समेत कई अहम क्षेत्रों पर चर्चा होने की उम्मीद है।23 अक्टूबर से मालदीव के 3000 करोड़ रुपये के करेंसी स्वैप का रोलओवर
साथ ही उन्होंने बताया कि भारत ने मालदीव सरकार के अनुरोध पर 3000 करोड़ रुपये के करेंसी स्वैप समझौते का पहला रोलओवर करने का फैसला किया है। यह रोलओवर 23 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। यह व्यवस्था अक्टूबर 2024 में हस्ताक्षरित समझौते के तहत की गई है। जायसवाल ने कहा कि इस कदम से मालदीव की वित्तीय स्थिरता को मजबूती मिलेगी।PM मोदी के कनाडा दौरे की तारीखों पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कनाडा यात्रा को लेकर विदेश मंत्रालय ने बताया कि कनाडा की विदेश मंत्री हाल ही में नई दिल्ली आई थीं। इस दौरान उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात की।जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की कनाडा यात्रा का मुद्दा बातचीत में उठा था। फिलहाल यात्रा की तारीखों पर चर्चा चल रही है और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी।
प्रमीला जयपाल के SIR संबंधी बयान पर भारत की प्रतिक्रिया
अमेरिकी सांसद प्रमीला जयपाल की SIR संबंधी टिप्पणी पर विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि कांग्रेस सांसद की टिप्पणियां अनुचित और तथ्यों की पर्याप्त जानकारी के बिना की गई हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी किसी लोकतंत्र की चुनावी प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने के समान है। जायसवाल के अनुसार, ऐसा दृष्टिकोण स्वयं लोकतंत्र को कमजोर करता है।
UAE के विदेश मंत्री से मुलाकात,ऊर्जा और व्यापार पर चर्चा
इसके साथ ही रणधीर जायसवाल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर की संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्री के साथ बातचीत को लेकर भी जानकारी दी। इस दौरान बैठक में व्यापार, ऊर्जा और UAE में रह रहे भारतीय समुदाय के कल्याण समेत कई द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने खाड़ी क्षेत्र के मौजूदा घटनाक्रम पर भी विचार साझा किए।जायसवाल ने यह भी बताया कि विदेश मंत्री जयशंकर ने अबू धाबी में आयोजित 'रायसीना डायलॉग' में हिस्सा लिया और जॉर्जिया के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की। इसके अलावा, उन्होंने रास अल खैमाह के शासक से द्विपक्षीय मामलों और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की।
UAE के उपप्रधानमंत्री और अमेरिकी विदेश मंत्री का मुंबई दौरा
विदेश मंत्रालय ने बताया कि UAE के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान 19 और 20 अक्टूबर 2026 को मुंबई की आधिकारिक यात्रा करेंगे। इस दौरान भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत ऊर्जा, व्यापार, निवेश, फिनटेक, रक्षा और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की जाएगी। पश्चिम एशिया की स्थिति और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी।वहीं, 20 अक्टूबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत करेंगे। रुबियो की यात्रा के दौरान भारत-अमेरिका संबंधों और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसमें व्यापार, ऊर्जा, निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियां प्रमुख मुद्दे होंगे।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत में विदेशी नेताओं की मेजबानी दिल्ली से बाहर करने की परंपरा भी जारी है। इससे पहले विभिन्न विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी वडोदरा, अहमदाबाद, वाराणसी, गोवा, केवड़िया और अमृतसर जैसे शहरों में की जा चुकी है।
दिल्ली में प्रदर्शन पर भी आई विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया
इस दौरान छात्र प्रदर्शनों को लेकर पूछे गए सवाल पर भी MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारत में संबंधित संस्थान और एजेंसियां इस मामले पर नजर रख रही हैं और अपनी जिम्मेदारी के अनुसार कार्रवाई कर रही हैं।
