'महादेव' को लेकर स्मृति ईरानी का भूपेश बघेल पर वार, कांग्रेस का पलटवार

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Nov 4, 2023, 12:49 PM IST

Mahadev Betting App Row: भूपेश बघेल को महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रमोटरों से 508 करोड़ रुपए मिले। ईडी के इस दावे के बाद केद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कांग्रेस नेताओं में वार पलटवार शुरू हो गया।

Mahadev Betting App Row: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दावे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को संकटग्रस्त महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रमोटरों से 508 करोड़ रुपए मिले। उसके बाद सीएम भूपेश बघेल ने खंडन करते कहा कि ससे बड़ा मज़ाक और क्या हो सकता है। अगर आज मैं किसी को पकड़ लूं और उससे पीएम मोदी का नाम लेने को कहूं तो क्या वे (ईडी) पूछताछ करेंगे? इसके एक दिन बाद कांग्रेस और बीजेपी में वार-पलटवार शुरू हो गया। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पूछा कि क्या बघेल अपनी ही सरकार पर सवाल उठा रहे हैं। महादेव ऐप चर्चा में है क्योंकि हाल ही में दुबई स्थित इस प्लेटफॉर्म के संबंध में कई बॉलीवुड हस्तियों से पूछताछ की गई थी। ईडी ने कहा कि उसने एक वेब बेनामी बैंक खाते और राज्य में चुनाव के लिए कुछ 'बघेल' को दिए गए 508 करोड़ रुपए के फंड से जुड़े एक कबूलनामे का खुलासा किया। स्मृति ईरानी ने कहा कि महादेव ऐप के संबंध में छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश में एफआईआर दर्ज की गईं। दोनों ही राज्यों में बीजेपी सत्ता में नहीं है। तो फिर कौन रच रहा है भूपेश बघेल के खिलाफ साजिश? ये मामला कोई ताज़ा नहीं है। एफआईआर 2022 में दर्ज की गई थी और तब से जांच चल रही है। कांग्रेस हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से चुनाव लड़ रही है। स्मृति ईरानी ने कहा कि चुनावी इतिहास में पहले कभी लोगों ने इस तरह के सबूत नहीं देखे थे।

Mahadev Betting App Smriti Irani attacks on Bhupesh Baghel

महादेव ऐप को लेकर कांग्रेस-बीजेपी में वार-पलटवार

छत्तीसगढ़ के CM भूपेश बघेल पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के आरोपों पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि जब भी चुनाव होते हैं तो बीजेपी के लिए मुख्य हथियार ED और IT बन जाती है। हमने कर्नाटक चुनाव में देखा कि चुनाव के दौरान ही उन्होंने 100 से ज्यादा कांग्रेस उम्मीदवारों पर रेड की। अब मिजोरम समेत सभी 5 राज्यों में जनता का मूड बिल्कुल साफ है। सभी राज्यों में कांग्रेस सरकार बनाने जा रही है। उनके पास एक ही हथियार ED है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान दोनों में हमारी सरकार लोकप्रिय है और योजनाएं आम लोगों तक पहुंच रही हैं लेकिन उनका एक ही लक्ष्य है, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाना है।

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