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रमजान मुबारक: पीएम मोदी, राहुल गांधी समेत इन दिग्गज नेताओं ने दी बधाई; जानें किसने क्या कहा

Ramzan Mubarak! ‘माह-ए-रमजान’ का आगाज हो चुका है। इस मौके पर पीएम मोदी, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल समेत कई नेताओं ने बधाई दी है। मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, 'रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। कामना है कि यह हमारे समाज में शांति और सद्भाव लाए।'

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राहुल गांधी और पीएम मोदी ने रमजान शुरू होने पर लोगों को बधाई दी।

Maha-e-Ramzan: इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना ‘रमजान’ आज से शुरू हो गया है। शनिवार शाम चांद दिखने के बाद ‘रमजान’ के पवित्र महीने का आज (रविवार) से आगाज हुआ। इस बीच, प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को ‘रमजान’ की बधाई दी है।

प्रधानमंत्री मोदी ने रमजान शुरू होने पर लोगों को बधाई दी

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'रमजान का पवित्र महीना शुरू हो रहा है। उम्मीद है कि यह हमारे समाज में शांति और सद्भाव लेकर आएगा। यह पवित्र महीना चिंतन, कृतज्ञता और भक्ति का प्रतीक है, साथ ही हमें करुणा, दया और सेवा के मूल्यों की याद दिलाता है। रमजान मुबारक!'

राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा ने दी रमजान की बधाई

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी ‘रमजान’ की बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'रमजान मुबारक! यह पवित्र महीना आपके जीवन को खुशियों से भर दे और आपके दिल में शांति लाए।'

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, 'रहमतों और बरकतों के पवित्र माह रमजान की आप सभी को दिली मुबारकबाद। मैं ऊपर वाले से दुआ करती हूं कि यह मुकद्दस महीना आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और अमन-चैन लेकर आए।'

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ‘रमजान’ की बधाई दी। उन्होंने कहा कि मैं सभी लोगों को रमजान की शुभकामनाएं देता हूं। इसके अलावा सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने देशवासियों को ‘रमजान’ की बधाई दी। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा, 'सभी को रमजान की दिली मुबारकबाद।'

केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर दी रमजान की मुबारकबाद

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा, 'आप सभी को रमजान की ढेर सारी मुबारकबाद। यह पवित्र महीना आपके जीवन में खूब सारी खुशियां, सुख-समृद्धि और तरक्की लेकर आए।'

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसे मुसलमान पूरे विश्व में रोजा रखकर (उपवास) मनाते हैं। रमजान के दौरान मुसलमान सूर्योदय से सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं, जिसे रोजा कहा जाता है। रमजान के बाद ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन मुसलमान एक-दूसरे को मुबारकबाद देते हैं और अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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